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Tehri: 13 वर्षों से बंजर पड़ी रौंसाल की कृषि भूमि, ग्राम प्रधान ने सीएम से लगाई सिंचाई नहर निर्माण की गुहार

Thu, 21 May 2026 08:11 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, घनसाली (टिहरी)

सार

वर्ष 2013 की आपदा में गांव की सिंचाई नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से आज तक गांव की कई एकड़ कृषि भूमि सूखी और बंजर पड़ी है।
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 रौंसाल गांव में भूमि - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भिलंगना ब्लॉक स्थित केमर पट्टी के रौंसाल गांव में पिछले 13 वर्षों से सिंचाई नहर ध्वस्त होने के कारण कई एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि बंजर पड़ी हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान कृष्ण गोविन्द कंसवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण और ग्रामीणों से हुए समझौते पर कार्रवाई की मांग की है।

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ग्राम प्रधान कृष्ण गोविन्द कंसवाल ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में गांव की सिंचाई नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से आज तक गांव की कई एकड़ कृषि भूमि सूखी और बंजर पड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले गांव की खेती गांववासियों के भरण-पोषण का मुख्य आधार थी और खेत हरियाली से भरे रहते थे।

उन्होंने बताया कि ग्राम सभा रौंसाल, सारुण, फैलेंडा और बहेल्डा क्षेत्र में वर्ष 2004 में 23.50 मेगावाट स्वास्ति पावर प्रोजेक्ट का निर्माण किया गया, जो वर्तमान में ग्रीनको पावर प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रहा है। परियोजना निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने अपने हक-हकूक को लेकर विरोध भी किया था और कई ग्रामीण जेल तक गए थे। बाद में क्षेत्र के विकास को देखते हुए ग्रामीणों ने परियोजना को सहमति दी।
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ग्राम प्रधान के अनुसार परियोजना प्रबंधन, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुए समझौते में यह तय किया गया था कि परियोजना बनने के बाद ग्रामीणों की कृषि भूमि के लिए पूरे वर्ष पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही यदि किसी आपदा से सिंचाई नहर को नुकसान पहुंचता है तो उसकी मरम्मत कराकर 12 महीने पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी।

उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना द्वारा रोजगार देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। पिछले 19 वर्षों में गांव के किसी बेरोजगार युवक को रोजगार नहीं मिला और न ही सीएसआर मद से गांव में कोई विशेष विकास कार्य कराया गया।

ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सिंचाई विभाग के माध्यम से गांव की सिंचाई नहर (गूल) का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि गांव की बंजर भूमि फिर से उपजाऊ बन सके और ग्रामीण दोबारा खेती कर सकें। साथ ही परियोजना और ग्रामीणों के बीच हुए अनुबंध की जांच कर उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

वहीं क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह ने भी ग्रामीणों की समस्या को गंभीर बताते हुए उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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