आचार्य संतोष त्रिवेदी ने कहा कि वे 12 जून से अर्धनग्न होकर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। इस मौके पर रमाकांत शर्मा, शशि अवस्थी, तेज प्रकाश पोस्ती, भगवती प्रसाद पोस्ती, अंकुर, प्रियांशु आदि मौजूद थे।
देवस्थानम बोर्ड के विरोध मे तीर्थ पुरोहितो ने देवप्रयाग में गंगा संगम पर देवस्थानम बोर्ड, सरकार का सामूहिक पिंडदान किया। साथ ही सरकार की हिंदू तीर्थों के प्रति भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चारधाम तीर्थपुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि चारों धामों में तीर्थपुरोहित देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनसुना कर रही है।
तीर्थपुरोहितो ने कहा सरकार किसी चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारे को अपने अधीन करने की हिम्मत नहीं कर सकती तो केवल हिंदुओं के धर्म स्थलों को ही अपने नियंत्रण मे लाने की कोशिश में क्यों जुटी है।
पिंडदान करने वालों में विपुल सवासेर, प्रमोद टोडरिया, माहिर सवासेर, भास्कर पुरोहित, राहुल कोटियाल, सोहन लाल ध्यानी, विनोद बडोला, नीरज पंत, दिनेश प्रयागवाल, जमुना डबराल, संतोष भट्ट, सत्यनारायण कोटियाल, शकर जोशी व शांति प्रकाश जोशी आदि शामिल थे।