फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ तीर्थपुरोहित, केदारनाथ व गंगोत्री में किया उत्तराखंड सरकार का पिंडदान

Sat, 05 Sep 2020 07:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
protest - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे गंगोत्री व केदारनाथ धाम के तीर्थपुरोहितों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मांग पूरी नहीं होने से नाराज पुरोहितों ने अपना विरोध जताने के लिए शनिवार को उत्तराखंड सरकार का पिंड दान किया। साथ ही सरकार को सनातन धर्म विरोधी घोषित करते हुए उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।

विज्ञापन


पुरोहित समाज ने शनिवार को 73वें दिन भी गंगोत्री धाम परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान उन्होंने गंगा भागीरथी नदी तट पर उत्तराखंड सरकार का पिंड दान कर मां गंगा से सरकार को सदगति देने की कामना की। विरोध जताने वालों में प्रेम बल्लभ सेमवाल, राकेश सेमवाल, संतोष सेमवाल, गोवर्द्धन सेमवाल, कामेश्वर सेमवाल, दिनेश सेमवाल, रवि सेमवाल, प्रवीण सेमवाल आदि पुरोहित शामिल रहे।

उधर, केदारनाथ में केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में सभी तीर्थपुरोहित संगम तट पर पहुंचे और सरकार का पिंडदान किया। तीर्थपुरोहितों ने कहा कि वे 38 दिन से आंदोलित हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि जब तक देवस्थानम बोर्ड व केदारनाथ मास्टर प्लान को भंग नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार पर लगाया भेदभावपूर्ण नीति बनाने का आरोप 

आचार्य संतोष त्रिवेदी ने कहा कि वे 12 जून से अर्धनग्न होकर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। इस मौके पर रमाकांत शर्मा, शशि अवस्थी, तेज प्रकाश पोस्ती, भगवती प्रसाद पोस्ती, अंकुर, प्रियांशु आदि मौजूद थे।

देवस्थानम बोर्ड के विरोध मे तीर्थ पुरोहितो ने देवप्रयाग में गंगा संगम पर देवस्थानम बोर्ड, सरकार का सामूहिक पिंडदान किया। साथ ही सरकार की हिंदू तीर्थों के प्रति भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चारधाम तीर्थपुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि चारों धामों में तीर्थपुरोहित देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनसुना कर रही है।

तीर्थपुरोहितो ने कहा सरकार किसी चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारे को अपने अधीन करने की हिम्मत नहीं कर सकती तो केवल हिंदुओं के धर्म स्थलों को ही अपने नियंत्रण मे लाने की कोशिश में क्यों जुटी है।

पिंडदान करने वालों में विपुल सवासेर, प्रमोद टोडरिया, माहिर सवासेर, भास्कर पुरोहित, राहुल कोटियाल, सोहन लाल ध्यानी, विनोद बडोला, नीरज पंत, दिनेश प्रयागवाल, जमुना डबराल, संतोष भट्ट, सत्यनारायण कोटियाल, शकर जोशी व शांति प्रकाश जोशी आदि शामिल थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें