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'शहीद स्मारक पर राजनीति न करें तीरथ'

Thu, 03 Oct 2013 09:23 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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शहीद स्मारक पर श्रद्घांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को तीन सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने घेर लिया।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी आंदोलनकारियों को 5000 रुपये पेंशन, सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती देने, 50 साल से अधिक के आंदोलनकारियों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी और राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा देने की मांग की।

मांग पत्र देने की बात
वहीं अन्य आंदोलनकारियों ने आरक्षण के मुद्दे को कैबिनेट में न रखने पर मुख्यमंत्री को घेरा। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों से अपना मांग पत्र देने की बात कहकर वहां से चले गए।
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जिसके बाद धरने पर बैठे मंच के सदस्यों ने मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया। मगर बाद में साकेत बहुगुणा ने मुख्यमंत्री से बात कराने का आश्वासन दिया और बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त हुआ।

तीरथ रावत का किया विरोध
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत भी सुबह शहीद स्मारक पहुंचे थे। मगर उनको वहां आंदोलनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से शहीद स्मारक पर आकर राजनीति न करने की बात कही।

आपस में भिड़े आंदोलनकारी
धरने पर बैठे उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच के सदस्य दोपहर में आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान दो वरिष्ठ सदस्यों के बीच जमकर बहस भी हुई।

दरअसल शहीद स्थल पर दो मंच बनाने से मंच के सदस्यों में बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ गई। आखिर में अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और पार्टी में वरिष्ठ संरक्षक का पद मिलने पर सदस्य माने।
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