व्हाट्सएप मैसेज करके समस्या बताई
उनके मुताबिक, ससुराल से रातों रात बेघर की गई एक महिला ने काशीपुर जाकर अपने मायके में शरण ली, फिर अगली समस्या बच्चे के नजदीकी स्कूल में एडमिशन की आई। स्कूल ने पिछले स्कूल से टीसी लाने की शर्त रख दी। महिला के लिए वापस ससुराल की तरफ टीसी निकलवाना आसान नहीं था तो उसने राज्य बाल आयोग को व्हाट्सएप मैसेज करके अपनी समस्या बताई। बाल आयोग ने संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रशासन से बात कर उन्हें बताया कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत टीसी के बिना भी एडमिशन दिया जा सकता है। इस तरह उनकी बिना कार्यालय आए मदद हो गई।
ये भी पढ़ें...Uttarkashi News: गंगोत्री हाईवे पर आया फिर भारी मलबा-बोल्डर, भटवाड़ी और गंगनानी के बीच हुआ बंद
आयोग के दफ्तर आए बिना भी मिल सकती है मदद
डॉ. खन्ना का कहना है कि देहरादून से दूर पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों के साथ कोई प्रताड़ना, यौन हमला, शिक्षा या अन्य कोई भी समस्या के पेश आने पर राज्य बाल आयोग के कार्यालय आए बिना भी सहायता मिल सकती है, उसके लिए आयोग को सिर्फ व्हाट्सएप पर मैसेज करना होगा। सहायता के लिए इस समय तीन नंबर हैं, 9149136927, 9258127046 और 9258127046। इन पर शिकायत का मैसेज करने के बाद आयोग की टीम खुद संपर्क करेगी।