जबकि सीमांत जनपदों के शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रतिस्थानी वाला मामला भी न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि तबादलों से पहले काउंसलिंग किए जाने के मामले को लेकर संगठन की ओर से शिक्षा सचिव से भी बात की गई है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक एमएम सिद्दीकी के मुताबिक निदेशालय की ओर से शासन को भेजा गया प्रस्ताव संगठन को मंजूर नहीं है।
उधर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान का कहना है कि दो कार्मिकों का स्वेच्छा से एक दूसरे के स्थान पर पारस्परिक स्थानांतरण के लिए जो प्रस्ताव है, उसमें कहा गया है कि शिक्षक का समान पद, समान विषय एवं समान जाति का होना जरूरी है। प्राथमिक में समान विषय के शिक्षक का मिल पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तबादलों के लिए एक्ट ऐसा बने जो स्पष्ट हो। इसमें संशोधन के लिए जिस तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं, उससे शिक्षकों के तबादले हो पाना संभव नहीं है।