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उत्तराखंड: तबादला एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव से शिक्षकों में उबाल, कोर्ट जाने की धमकी

Mon, 16 Sep 2019 08:14 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रदेश में तबादला एक्ट में संशोधन के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया है, शिक्षक संगठनों को वो मंजूर नहीं है। शिक्षक संघों के अनुसार निदेशालय की ओर से इस तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनसे तबादले उलझ जाएंगे और शिक्षकों को मजबूरन कोर्ट जाना पड़ेगा।

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शिक्षा निदेशालय की ओर से शासन को तबादला एक्ट में संशोधन के लिए विभिन्न 10 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी के मुताबिक प्रस्ताव में तबादलों के लिए काउंसलिंग का कोई जिक्र नहीं है।

जिसके न होने से विभागीय अधिकारी तबादलों में मनमानी करेंगे और शिक्षकों को न्याय के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा। वहीं स्कूलों के वर्गीकरण में उप श्रेणियां भी निर्धारित नहीं की गई हैं।

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जबकि सीमांत जनपदों के शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रतिस्थानी वाला मामला भी न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि तबादलों से पहले काउंसलिंग किए जाने के मामले को लेकर संगठन की ओर से शिक्षा सचिव से भी बात की गई है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक एमएम सिद्दीकी के मुताबिक निदेशालय की ओर से शासन को भेजा गया प्रस्ताव संगठन को मंजूर नहीं है।

उधर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान का कहना है कि दो कार्मिकों का स्वेच्छा से एक दूसरे के स्थान पर पारस्परिक स्थानांतरण के लिए जो प्रस्ताव है, उसमें कहा गया है कि शिक्षक का समान पद, समान विषय एवं समान जाति का होना जरूरी है। प्राथमिक में समान विषय के शिक्षक का मिल पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तबादलों के लिए एक्ट ऐसा बने जो स्पष्ट हो। इसमें संशोधन के लिए जिस तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं, उससे शिक्षकों के तबादले हो पाना संभव नहीं है।
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