कॉलेज का नाम जांच अधिकारी
डीबीएस पीजी कॉलेज, देहरादून - डॉ.एमसी नैनवाल, प्राचार्य, शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला
एमकेपी पीजी कॉलेज, देहरादून -डॉ.एनपी माहेश्वरी, प्राचार्य, पीजी कॉलेज ऋषिकेश
डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून -डॉ.अंजू अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, रायपुर
एमपीजी कॉलेज, मसूरी -डॉ.केएल बिष्ट, प्राचार्य, पीजी कॉलेज डाकपत्थर
श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या महाविद्यालय, रुड़की -डॉ.डीपी भट्ट, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज, ऋषिकेश
चिन्मय डिग्री कॉलेज, हरिद्वार -डॉ.बिजेंद्र लिंगवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज, ऋषिकेश
एसजीआरआर पीजी कॉलेज देहरादून -डॉ.वीपी अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज ऋषिकेश
बीएसएम पीजी कॉलेज, रुड़की -डॉ.वीएन शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय पाबकीदेवी
बालगंगा महाविद्यालय, सेंदुल टिहरी गढ़वाल -डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्य, राजकीय स्नातक महाविद्यालय, नई टिहरी
राठ महाविद्यालय, पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल -डॉ.आरके उमान, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय पाबौ, पौड़ी गढ़वाल
केएलडीएवी कॉलेज, रुड़की -डॉ.यशोदा, एसोसिएट प्रोफेसर, राजकीय स्नातक महाविद्यालय, ऋषिकेश
डीडब्ल्यूटी कॉलेज, देहरादून -डॉ.केएल तलवाड़, एसोसिएट प्रोफेसर, शहीद दुर्गामल्ल कॉलेज, डोईवाला
चमनलाल महाविद्यालय, रुड़की -डॉ.दिलीप नेगी, एसोसिएट प्रोफेसर, शहीद दुर्गामल्ल महाविद्यालय, डोईवाला
आरएमपीपी कॉलेज, गुरुकुल नारसन, हरिद्वार -डॉ.जानकी पंवार, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, टिहरी गढ़वाल
महिला महाविद्यालय, सतीकुंड, कनखल, हरिद्वार -डॉ.बीना खंडूरी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, खानपुर हरिद्वार
एसएमजेएन कॉलेज नारसन, हरिद्वार -डॉ.सुनीता गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, मंगलौर
चंद्रवती तिवारी कन्या महाविद्यालय, काशीपुर ऊधमसिंह नगर -डॉ.सुभाष चंद्र कुशवाहा, कार्यवाहक प्राचार्य, स्नातक महाविद्यालय काशीपुर
शासन के शिक्षक भर्ती की जांच बैठाने के फैसले पर प्राचार्य परिषद ने सवाल उठाए हैं। परिषद ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में बैठक की। जिसमें परिषद के अध्यक्ष बीए बौड़ाई ने सवाल उठाया कि किसी प्राचार्य की जांच कोई एसोसिएट प्रोफेसर स्तर का शिक्षक कैसे कर सकता है? यह भी आरोप लगाया कि सभी अशासकीय महाविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया को लटकाने के लिए सरकार यह जांच करा रही है, जबकि सभी भर्तियां रोस्टर प्रणाली के मुताबिक की गईं हैं।
डीएवी में 1976 के बाद की भर्तियों की जांच
डीएवी पीजी कॉलेज में वर्ष 1976 से बाद की भर्तियों की जांच की जाएगी। इससे माना जा रहा है कि सभी 17 अशासकीय महाविद्यालयों में 40 से 50 वर्षों में हुई लेक्चरर के भर्तियों की जांच की जा सकती है।
क्या होता है आरक्षण में रोस्टर
आरक्षण लागू होने के बाद पदों के क्रम विभाजन को ही रोस्टर कहा जाता है। माना कि कुल पदों की संख्या 100 है, तब रोस्टर का विभाजन इस प्रकार होगा। माना एसटी का आरक्षण 7.5 प्रतिशत है तो 100 में से हर 14वां (100/7.5=13.33) पद एसटी के लिए आरक्षित होगा। एससी का आरक्षण 15 प्रतिशत है तो हर सातवां (100/15=6.66) पद एससी के लिए आरक्षित होगा। ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत है तो हर चौथा पद (100/27=3.70) ओबीसी के लिए आरक्षित होगा।