देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अधिवेशन में शिक्षकों ने लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। अधिवेशन में घटती छात्र संख्या रोकने और शिक्षा उन्नयन को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। जीआईसी सौड़ा सरोली में आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सिमल्टी ने किया।
अधिवेशन में शिक्षकों ने पदोन्नति किए जाने के साथ ही वेतन विसंगति को दूर करने की मांग की। निर्वमान प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली ने कहा, विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति पिछले कई वर्षों से लटकी है। यही वजह है कि कई शिक्षक विभाग में वर्षों की सेवा के बाद एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अधिवेशन में स्कूलों में घटती छात्र संख्या को रोकने के लिए शिक्षकों से सुझाव लिए गए। कुछ शिक्षकों ने कहा, उन्हें शिक्षण के अलावा अन्य कार्यों से दूर रखा जाए। स्थिति यह है कि शिक्षकों को बहुउद्देशीय कर्मी समझते हुए उन्हें कई कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों की समस्याओं के निपटारे का आश्वासन दिया। वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जयसवाल ने कहा, शिक्षकों के सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी शिक्षक को अपने प्रकरण के लिए कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने प्रांतीय कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा की। अधिवेशन में का संचालन राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल और जिला मंत्री अर्जुन पंवार ने किया। अधिवेशन में प्रधानाचार्य रामबाबू विमल, प्रदीप बहुगुणा, कुशलानन्द भट्ट, महेंद्र सिंह गुसाई आदि मौजूद रहे।