साथ ही ऐसे शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले ब्रिज कोर्स करने का समय दिया था। केंद्र ने ब्रिज क्रोर्स न करने और विशिष्ट बीटीसी को मान्यता न मिलने पर शिक्षकों को नौकरी से हटाने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश जारी होने के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों ने अलग-अलग स्तरों पर आंदोलन किया। साथ ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री समेत अन्य स्तरों पर गुहार भी लगाई।
राज्यसभा में बिल पास होने से देशभर के विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर के प्रयासों से लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। जिन शिक्षकों ने पहले कोर्स किया था, उन्हें बैक डेट से मान्यता मिल जाएगी। उत्तराखंड के हजारों शिक्षक और उनके परिवारों को इसके कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस निर्णय से उन्हें राहत मिलेगी।
-अनिल बलूनी, सांसद, राज्यसभा
प्रदेश सरकार ने काफी समय तक प्रयास किए। हालांकि राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से इस मामले में तेजी से कार्रवाई हुई। बिल पास होने पर हम अनिल बलूनी के साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का भी आभार व्यक्त करते हैं।
-दिग्विजय सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ।