प्रदेश की श्रीनगर और दूसरे राज्याें की यूनिवर्सिटी के प्रमाण पत्र सही मिले हैं। हालांकि प्रमाण पत्रों के सत्यापन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आने वाले दिनो में कुछ अन्य खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है।
शैक्षिक प्रमाण पत्रों में यूपी तो जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े में उत्तराखंड अग्रणी रहा है। शिक्षकाें द्वारा फर्जी जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने का बड़ा खेल हरिद्वार जिले में हुआ है। अब तक ऐसे 11 प्रमाणपत्र पाए गए हैं, जिनके आधार पर भर्ती का अनुचित लाभ उठाया गया। कई अन्य मामले अभी विचाराधीन हैं।
एसआईटी जांच में अब तक 44 प्रमाणपत्र अमान्य पाए गए हैं, वो सब यूपी की यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी दर्शाए गए हैं। उत्तराखंड में जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र जारी करने में खेल हुआ है। इन मामलों में विभागीय स्तर पर जांच के लिए अलग से लिखा गया है।
श्वेता चौबे, प्रभारी, एसआईटी, सीबीसीआईडी।