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शिक्षक दिवस पर राज्यपाल ने ब्लू व्हेल गेम को लेकर शिक्षकों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Tue, 05 Sep 2017 09:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 28 शिक्षकों को राजभवन में गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड-2017 प्रदान किया गया। राज्यपाल डॉ.केके पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 13-13 प्राथमिक और माध्यमिक और दो संस्कृत शिक्षकों को यह सम्मान प्रदान किया। शिक्षकों को पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और चार किताबों का सेट भेंट किया गया।
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राज्यपाल डॉ.पाल ने कहा कि इंटरनेट जैसे ज्ञान के माध्यमों का शिक्षा में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन इस पर नियंत्रण भी होना चाहिए। ब्लू-व्हेल जैसे इंटरनेट गेम पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे नियमित बातचीत की कमी एक प्रमुख कारण है। माता-पिता के साथ ही शिक्षकों को भी छात्रों के व्यवहार और मनोदशा पर नजर रखनी चाहिए। 

राज्यपाल डॉ.केके पॉल ने शिक्षकों को नियमित रूप से अपडेट और अपग्रेड करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि छुट्टियों में शिक्षकों के लिए भी समर कैंप जैसे आयोजन होने चाहिएं, जहां उनको इंटरनेट, शिक्षा की नई तकनीक  और नए विषयों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं बौद्धिकता और संपूर्ण ज्ञान देने वाले गुरु बनने की आवश्यकता है।
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मां-बाप बच्चों को बहुत कम समय दे पाते हैं, ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका ज्यादा बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक पूरे समाज को बेहतर बना सकता है। उन्होंने संस्कृत शिक्षकों को भी पुरस्कृत करने के राज्यपाल के निर्णय की प्रशंसा की। इस अवसर पर सचिव शिक्षा चंद्रशेखर भट्ट, सचिव संस्कृत शिक्षा आशा शुक्ला, सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, निदेशक आरके कुंवर समेत अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे। 

इन शिक्षकों को मिला सम्मान

पुस्तकों के आदर्शों को जीवन में उतारें
प्रत्येक शिक्षक को पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एस. राधाकृष्णन की ‘लीविंग विद द परपज’, महात्मा गांधी की ‘माई एक्सपेरीमेंट विद ट्रूथ’, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की ‘डिस्कवरी ऑफ  इंडिया’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ पुस्तकें भेंट की गई। राज्यपाल डॉ.पाल ने शिक्षकों से पुस्तकों को पढ़कर उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। 

इन शिक्षकों को मिला सम्मान
विनीता खाती, राउप्रावि गाड़ी, अल्मोड़ा
शंकर दत्त भट्ट, राआइका हवालबाग, अल्मोड़ा
सुरेश चंद्र सती, राजूहा पिगलो, बागेश्वर
दया रावत, राबाइका पाये, बागेश्वर
सरला चौहान, राप्रावि, कुहेड, चमोली
गजेंद्र सिंह बिष्ट, आरजीएनएस, गैरसैण
खड़क सिंह बोरा, राआप्रावि गागर, चंपावत
सामश्रवा आर्य, राइका सिप्टी, चंपावत
प्रीति शर्मा, राप्रावि चोई बस्ती, देहरादून
अनीता नेगी, राबाइका राजपुर रोड, देहरादून
डा. शिवा अग्रवाल, राप्रावि टांटवाला, हरिद्वार
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इन शिक्षकों को मिला सम्मान

अनिल पांडेय, राउमावि पीतपुर, हरिद्वार
महेंद्र सिंह सैनी, राआउप्रवि पापड़ी, नैनीताल
त्रिलोचन उपाध्याय, राइका अमिया, नैनीताल
नीलम जोशी, राप्रावि, बैजरों, पौड़ी
अखिलेश चंद्र रमोला, राइका सुमाड़ी, पौड़ी
चंद्रशेखर शर्मा, राआप्रवि मानले, पिथौरागढ़
राजेंद्र कन्याल, राइका नारायणनगर, पिथौरागढ़
श्याम लाल भारती, राउप्रावि कोटी-मदोला, रुद्रप्रयाग
आशा बंगवाल, राकउमावि ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग
उत्तम सिंह राणा, राउप्रावि उलाणा, टिहरी गढ़वाल
ऊषा मेहरा, राबाइका थत्यूड़, टिहरी गढ़वाल
रोशनी, राकउप्रावि खरवां, उत्तरकाशी
मदन लाल, राइका कवां एटहाली, उत्तरकाशी
पार्वती जोशी, राकउप्रावि उमरूखुर्द, यूएस नगर
तजम्मुल हसन, राइका महुवाडाबरा, यूएस नगर

संस्कृत शिक्षक
राकेश कुमार, संस्कृत महाविद्यालय, चंबा, टिहरी
डॉ.प्रकाश जोशी, रामानुज वैष्णव संस्कृत कॉलेज, हरिद्वार
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