उत्तराखंड के पूरे कुमाऊं मंडल में शिक्षा की तस्वीर कितनी बदरंग है, ये इससे साफ है कि पहाड़ से मैदान तक बच्चे और अभिभावकों को टीचरों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
दूसरी ओर दुर्गम-सुगम में उलझे टीचर तबादले के लिए सैटिंग-गैटिंग के खेल में लगे हैं। ऐसा लगता है कि उत्तराखंड सरकार का ध्यान शिक्षा जैसी बुनियादी और अति आवश्यक जरूरत की ओर नहीं है।
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जिन बच्चों को गुरुजन (शिक्षकों) के साथ क्लास रूम में होना चाहिए वे बच्चे सड़कों पर आंदोलन-अनशन करने को मजूबर हैं। शिक्षा सत्र को शुरू हुए छह महीने हो चले हैं लेकिन अभी भी पढ़ाई पटरी पर नहीं आई है। लगातार हो रहे आंदोलनों में बृहस्पतिवार को भी ऐसी ही एक तस्वीर सड़कों पर दिखी।
अल्मोड़ा : शिक्षिकाओं के लिए सड़कों पर छात्राएं
शिक्षिकाओं के खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अल्मोड़ा जीजीआईसी की बालिकाएं सड़क पर उतरीं। छात्राओं ने माल रोड पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता के दफ्तर जाकर विद्यालय में शीघ्र शिक्षिकाएं भेजने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भी काफी देर तक प्रदर्शन किया।
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जीजीआईसी अल्मोड़ा में एलटी और प्रवक्ताओं के आधा दर्जन पद पिछले काफी समय से खाली चल रहे हैं। वहां गणित, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान, भूगोल विषयों के पद खाली हैं। हाईस्कूल में गणित की कोई शिक्षिका नहीं है।
चंपावत : अभिभावकों ने किया कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
राजकीय इंटर कालेज बरदाखान में शिक्षकों की कमी दूर किए जाने की मांग को लेकर गुस्साए अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद भी यहां शिक्षकों की तैनाती किए जाने के बजाए अनिवार्य स्थानांतरण नीति के तहत दो और शिक्षकों को बिना प्रतिस्थानी के स्थानांतरित कर दिया गया है।
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उन्होंने पांच दिनों के भीतर शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। शिक्षक अभिभावक संघ अध्यक्ष भवान राम, मोहन सिंह अधिकारी, कमला पंत आदि के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे। अभिभावकों की ओर से डीएम दीपेंद्र चौधरी को ज्ञापन देने के साथ ही मुख्य शिक्षाधिकारी डीसी गौड़ को भी ज्ञापन सौंपा।
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बाजपुर : महुआखेड़ागंज में बच्चे बिफरे, जाम लगाया
कुमाऊं के सबसे बड़े जिले ऊधमसिंह नगर में भी शिक्षकों की कमी बच्चों की मुसीबत बनी है। शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर काशीपुर के राइंका महुआखेड़ा गंज के विद्यार्थी उत्तेजित दिखे। कमी के बावजूद दो शिक्षकों का ट्रांसफर किए जाने से गुस्साए दर्जनों छात्र-छात्राओं ने गांव के रास्ते पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा दिया।
तहसीलदार ने बमुश्किल छात्रों को समझाकर जाम खुलवाया। विद्यार्थियों का कहना है कि हिंदी, राजनैतिक शास्त्र, वनस्पति विज्ञान और रसायन शास्त्र के शिक्षकों के नहीं होने से उनकी पढ़ाई चौपट हो रही है। जो शिक्षक पढ़ा रहे हैं, उनका स्थानांतरण कर दिया गया है।
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अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं सिर पर
कक्षा 12 के छात्रों ने कहा कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं और बोर्ड की भी परीक्षा हैं। इस स्कूल के 1526 छात्रों को पढ़ाने का जिम्मा 17 शिक्षकों पर है। दूसरी ओर बाजपुर के राजकीय बालिका इंटर कालेज से दो शिक्षिकाओं के ट्रांसफर के बाद नियुक्ति न होने से आक्रोशित छात्राओं ने प्रदर्शन किया।
बरहैनी(बाजपुर)-केमिस्ट्री के शिक्षक के ट्रांसफर पर प्रदर्शन
राजकीय इंटर कालेज हरिपुरा हरसान में रसायन विज्ञान के अध्यापक का स्थानांतरण से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इधर शिक्षक अभिभावक संघ ने भी शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन प्रधानाचार्य को सौंपा। बृहस्पतिवार को राइंका हरिपुरा हरसान के रसायन विज्ञान के अध्यापक का स्थानांतरण होने से गुस्साएं छात्र छात्राओं ने विद्यालय में प्रदर्शन किया। हिन्दी प्रवक्ता का पद रिक्त पढ़ा है। ऐसे में रसायन विज्ञान के अध्यापक के स्थानांतरण होने पर पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो जाएगी।
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13 साल से खाली है प्रधानाचार्या का पद
लोहाघाट। जिले के सर्वाधिक छात्राओं वाले स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पिछले 13 वर्षों से प्रधानाचार्या ही नहीं है। विद्यालय में अनुशासनहीनता, शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावक बहुत परेशान हैं।
पीटीए अध्यक्ष लीलांबर गहतोड़ी ने प्रधानाचार्या की शीघ्र नियुक्ति करने की मांग को लेकर शिक्षा सचिव को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अध्ययनरत छात्राओं के भविष्य को देखते हुए प्रधानाचार्या समेत शिक्षिकाओं के रिक्त पदों पर नियुक्तियां किया जाना आवश्यक है।
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जब तक प्रधानाचार्या की नियुक्ति नहीं होती, तब तक प्रभारी प्रधानाचार्य के स्थान पर किसी अन्य शिक्षिका को इसका कार्यभार सौंपा जाए। पीटीए का आरोप है कि प्रभारी प्रधानाचार्या जितने दिन तक अपने पद पर बनी रहेंगी, उससे बच्चों का उतना ही नुकसान होता रहेगा।
पढ़ाई को लेकर छेड़ी लड़ाईः
(23 सितंबर)लालकुआं- जीआईसी के ढाई हजार छात्र-छात्राओं ने चिलचिलाती धूप में जुलूस निकाला और प्रदर्शन कर नगर पंचायत रामबाबू मिश्रा अध्यक्ष का घर घेरा।
(23 सितंबर)बागेश्वर- उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोथिंग(बागेश्वर) में शिक्षक न होने से लोगों ने स्कूल में ताले जड़ दिए।
(24 सितंबर)बागेश्वर- उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोथिंग (बागेश्वर) में शिक्षकों की कमी से गुस्साए लोगों ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ताले जड़ दिए।
(24 सितंबर) हल्द्वानी- जीजीआईसी कालाढूंगी रोड की छह शिक्षिकाओं का एक साथ स्थानांतरण करने पर हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर वैकल्पिक व्यवस्था होने तक शिक्षिकाओं को रिलीव न करने की मांग की।
(25 सितंबर) बाजपुर - राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं का प्रदर्शन।