- लंबित मांगें के लिए 20 फरवरी तक बैठक न हुई तो करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ ने लंबित मांगों के लिए 20 फरवरी तक बैठक न होने पर उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन के बहिष्कार का एलान किया है। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान और महामंत्री रमेश पैन्युली ने कहा, प्रदेश में लगातार शिक्षक हितों की अनदेखी की जा रही है।
राजकीय शिक्षक संघ ने कहा, प्रदेश में पिछले काफी समय से शिक्षकों की पदोन्नति लटकी है। जिससे कई शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वहीं इससे प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के कई पद खाली हैं। इसके अलावा शिक्षकों को चयन व प्रोन्नत वेतनमान पर एक वेतनवृद्धि दी जाए। प्राथमिक से एलटी में समायोजित शिक्षकों की प्राथमिक की सेवा को जोड़कर उन्हें चयन, प्रोन्नत वेतनमान दिया जाए। 1990 से 1993 तक नियुक्त शिक्षकों को सेवानिवृत्तिक लाभ दिए जाएं।
संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्युली ने कहा, प्रदेश में पिछले साल शिक्षकों के तबादले नहीं हुए। अनुरोध के आधार पर जल्द तबादले किए जाएं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण में विभागीय अधिकारियों को संगठन के साथ बैठक कर मामले में निपटारे के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस मसले पर शिक्षा और वित्त सचिव के साथ बैठक न होने से शिक्षकों में नाराजगी है।