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22 हजार की हड़ताल, चार लाख की मुसीबत

Tue, 23 Sep 2014 11:59 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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एक समान चयन वेतनमान समेत विभिन्न मांगों पर प्रदेश के 22 हजार शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके साथ ही दो हजार तीन सौ स्कूलों पर ताले लटक गए, जबकि अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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कार्यालयों में प्रदर्शन
राजकीय शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं। सोमवार सुबह पूरे प्रदेश में शिक्षकों ने स्कूलों में तालाबंदी कर दी और इसके बाद सभी जिलों में खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) और मुख्य शिक्षाधिकारी (सीईओ) कार्यालयों में प्रदर्शन किया। इन कार्यालयों में भी तालाबंदी की गई।

दून के सीईओ कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों की अनदेखी कर रही है। एकसमान चयन वेतनमान पर दो साल पहले दिए आश्वासन पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन में प्रांतीय महामंत्री एसएस चौहान, मंडल अध्यक्ष राम सिंह चौहान  जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित, रेनू शर्मा आदि शामिल रहे।
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स्कूलों में तालाबंदी, घर लौटे बच्चे
कई शिक्षकों ने स्कूलों में बच्चों के पहुंचने से पहले ही ताले लगा दिए थे। इससे बच्चों को लौटना पड़ा। इसके अलावा कुछ खुले हुए स्कूलों को भी बंद कराया गया। जीजीआईसी लक्खीबाग की इंटर की छात्रा प्रियंका व अंजलि ने बताया कि स्कूल में डेढ़ घंटे तक कक्षाएं चलीं। इसके बाद शिक्षक पहुंचे और स्कूल बंद करा दिया। शिक्षकों ने राजधानी के कई दूसरे स्कूलों को भी बंद करवाया।

अपर मुख्य सचिव एस राजू ने हमें सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। जब तक 16 सूत्री मांगे पूरी नहीं होंगी हमारी यह हड़ताल जारी रहेगी।
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-करनैल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ
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