शिक्षक वाजपेयी के जीवन से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने उनके निधन के बाद उनकी याद में कुछ नया करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने अपने गांव मैठाणा में खाली पड़ी पुश्तैनी जमीन और आसपास के क्षेत्र में अटल स्मृति वाटिका बनाने की शुरुआत की है। उन्होंने यहां इस वाटिका की देख रेख का जिम्मा गांव वालों के ऊपर छोड़ा है। वहीं गांव वालों से भी पौधे लगाने की अपील की है।
एक न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, जसवंत का कहना है कि, आज जंगलों में पशु पक्षियों के लिए भोजन की पर्याप्त व्यवस्था न होने से जंगली जानवर आबादी में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह वाटिका जानवरों को भोजन उपलब्ध कराने में सहायक होगी। उनकी इस पहल में उनके साथ उनकी मां शशि देवी समेत कई ग्रामीणों ने अभियान में निरंतर सहयोगी बनने का संकल्प लिया है।