शिक्षक भर्ती में एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) से डीएलएड करने वाले उम्मीदवारों को शामिल करने से न सिर्फ 2648 पदों पर शिक्षक भर्ती की मेरिट बदलेगी बल्कि चयनित हो चुके कुछ बीएड प्रशिक्षित बाहर होंगे। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के परीक्षण के बाद ही इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 में प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों के 2648 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। भर्ती के लिए उत्तराखंड के साथ ही प्रदेश के बाहर के भी कुछ एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। उनका कहना था कि एनआईओएस से डीएलएड को मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं एनसीटीई से मान्यता मिली है।
प्रदेश सरकार की ओर से भी इनके प्रमाणपत्र को मान्य बताते हुए 15 जनवरी 2021 को शासन की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, लेकिन 10 फरवरी 2021 को शासन ने अपने पूर्व के आदेश को रद्द कर दिया। जिसके खिलाफ एनआईओएस से डीएलएड वाले हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट की ओर से अब उन्हें शिक्षक भर्ती में शामिल करने का आदेश जारी किया गया है।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 70 प्रतिशत शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है। इन्हें नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। यदि एनआईओएस वालों को शिक्षक भर्ती में शामिल किया गया तो जिला स्तर पर तैयार की गई डायट से डीएलएड प्रशिक्षितों की मेरिट में बदलाव करना होगा।
कुछ बीएड प्रशिक्षितों को भी नियुक्ति पत्र दिए जा चुुके हैं। शिक्षक भर्ती सेवा नियमावली में डीएलएड प्रशिक्षितों को प्राथमिकता है। अब एनआईओएस वालों को इस भर्ती में शामिल किया गया तो चयन प्रक्रिया में शामिल एवं चयनित बीएड प्रशिक्षितों को बाहर करना होगा।