राजकीय और प्राथमिक टीचरों ने ड्रेस कोड मानने से साफ इनकार कर दिया है। रविवार को हुई दोनों शिक्षक संघों की बैठक में ड्रेस कोड का मुद्दा छाया रहा।
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टीचरों ने साफ किया कि वे अपनी सभी समस्याओं का समाधान होने तक विभागीय ड्रेस कोड नहीं मानेंगे। राजकीय टीचरों ने कहा कि अगर सरकार जबरन ड्रेस कोड थोपना चाहती है तो इसके लिए पहले टीचरों को भत्ता दिया जाए।
साथ ही सभी श्रेणियों में कोटिकरण ठीक कर स्थानांतरण की मांग की। वहीं, ड्रेस कोड के मामले में अभी तक खुलकर कहने से बच रहे प्राथमिक टीचर भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने रविवार को थानो में बैठक कर ड्रेस कोड न मानने का एलान किया।
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जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, ड्रेस कोड नहीं मानेंगे
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मयूर विहार स्थित डायट सभागार में राजकीय शिक्षक संघ की मैराथन बैठक में पदाधिकारियों ने टीचरों की विभिन्न समस्याओं का लंबे समय से समाधान न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, वे ड्रेस कोड नहीं मानेंगे।
उन्होंने कोटिकरण का पुन: निर्धारण कर विसंगतियां दूर करने, पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतर मंडलीय तबादले करने, एलटी से प्रवक्ता की पदोन्नति सूची शीघ्र जारी करने, स्थानांतरण अधिनियम-2017 को संशोधित कर जल्द लागू करने, टीचरों को एसीपी का लाभ देने, शिक्षा बंधु को तदर्थ सेवा का लाभ देते हुए चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग की।
इसके अलावा उच्चीकृत उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलग संचालन का जीओ निरस्त करने, सातवें वेतनमान के बाद की वेतन विसंगितयों को दूर करने, शारीरिक शिक्षा को विषय के रूप में शामिल करने व इंटर स्तर पर प्रवक्ता व्यायाम, कृषि, कला, वाणिज्य एवं गृह विज्ञान के पद सृजित करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने तबादला सत्र शून्य न करने की मांग की। बैठक में महामंत्री डॉ. सोहन माझिला, उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, संयुक्त मंत्री सुंदर कुंवर, मंडलीय अध्यक्ष रविंद्र राणा, मंत्री शिव सिंह नेगी, कुमाऊं अध्यक्ष कृपाल सिंह मेहता, मंत्री कनु जोशी समेत सभी जिलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
ड्रेस कोड के मामले में अभी तक खुलकर कहने से बच रहे प्राथमिक टीचर भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने रविवार को बैठक कर ड्रेस कोड न मानने का एलान किया।
ग्राम थानो के बाला सुंदरी देवी मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि सभी टीचर शालीन ड्रेस पहनकर ही स्कूल जाएंगे। लेकिन विभागीय ड्रेस कोड का पालन नहीं करेंगे।
जबरन ड्रेस कोड थोपने पर टीचर आंदोलन को मजबूर होंगे। बैठक में जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली, मंत्री प्रमोद सिंह रावत, कोषाध्यक्ष विनोद लखेड़ा, रजनीश अग्रवाल, पार्वती जोशी, दिवाकर सजवाण, देवेश डोभाल, चंद्र प्रकाश, सतीश कपरवाण, किरण रावत समेत अन्य मौजूद रहे।