एएसपी सरिता डोभाल के बाद आईपीएस मणिकांत मिश्रा को एसआईटी का प्रभार मिला। उनके सामने भी संकट बजट का ही था। सूत्रों के मुताबिक शिक्षकाें के करीब तीन हजार प्रमाणपत्रों का सत्यापन कई राज्याें की यूनिवर्सिटी से होना है। सत्यापन के बाद ही साफ होना है कि वो प्रमाणपत्र मान्य हैं अथवा अमान्य। प्रमाणपत्रों के हिसाब से एसआईटी को चार लाख 70 हजार रुपये की दरकार है।
आईपीएस मणिकांत मिश्रा ने पुलिस के आला अफसरों से मिलकर सत्यापन प्रक्रिया को अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने की मांग की थी। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने गंभीरता दिखाते हुए प्रमाणपत्रों के सत्यापन को पांच लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। एसआईटी प्रभारी मिश्रा ने बताया कि धनराशि उपलब्ध होते ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
पांच और शिक्षकाें की डिग्री अमान्य
एसआईटी की जांच में पांच और शिक्षकाें की डिग्री अमान्य पाई गई है। एसआईटी ने संबंधित अधिकारियों से कुछ बिंदुओं पर और रिपोर्ट मांगी है। इन शिक्षकों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर की संस्तुति शिक्षा निदेशालय को भेजने की तैयारी है। बता दें कि अब तक 79 शिक्षकाें के शैक्षिक, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं।