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RTE से बच्चे ने लिया दाखिला तो टीचर बना 'बेरहम'

Fri, 10 Jul 2015 03:39 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूल में एडमिशन लेना एक बच्चे को महंगा पड़ गया।
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क्लास टीचर ने बच्चे को बेरहमी से पीट दिया। मां ने जब प्रिंसिपल से शिकायत की तो उन्होंने उसे डांटकर स्कूल से भगा दिया। इसके बाद मां ने चाइल्ड हेल्प लाइन और उपजिलाधिकारी दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई है।

उत्तराखंड के काशीपुर में साईं पब्लिक स्कूल के कक्षा तीन में जसपुर खुर्द निवासी कार्तिक ने आरटीई के तहत एडमिशन लिया। आरोप है कि यह एडमिशन स्कूल प्रबंधन ने भारी दबाव में किया। छात्र ने जिस दिन से एडमिशन लिया, उसी दिन से प्रबंध तंत्र के इशारे पर क्लास टीचर ने कथित रूप से उत्पीड़न शुरू कर दिया और कक्षा में बच्चे को बात-बात पर डांटने लगी।
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बच्चे को पीछे बिठाया गया। हद तो तब हो गई, जब क्लास टीचर ने बुधवार को बड़ी बेरहमी से बच्चे की पिटाई कर दी। रोता-बिलखता बच्चा जब घर पहुंचा तो मां को पूरी बात बताई। इसके बाद मां बीना बच्चे को लेकर स्कूल पहुंची और क्लास टीचर की शिकायत प्रिंसिपल से की। लेकिन प्रिंसिपल ने डांट-डपटकर वहां से भगा दिया।
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बीपीएल श्रेणी का है पीड़ित बच्चा

साथ ही स्कूल के गार्डों को हिदायत दी कि ये मां-बेटा आज के बाद स्कूल के भीतर न आने पाएं। इसके बाद मां बीना ने चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 नंबर और उप जिलाधिकारी दफ्तर में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

चाइल्ड हेल्प लाइन रुद्रपुर से गुरुवार को एक टीम साईं पब्लिक स्कूल पहुंची। उसने प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की। मगर उसकी भी नहीं सुनी गई। इस संदर्भ में सांईं स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए निदेशक से संपर्क करने की कोशिश की गई। मगर उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।

हां, मैने ही शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बीपीएल श्रेणी के बच्चे कार्तिक का एडमिशन करवाया था, पर मुझे क्या पता था? साईं पब्लिक स्कूल प्रबंधन उसका उत्पीड़न करेगा। बच्चे कार्तिक की मां बीना ने शिकायती पत्र सौंपा। बच्चे के साथ मारपीट हुई है अथवा नहीं ? इसकी मैं जांच करवा रहा हूं।
- पीएस राणा, उप जिलाधिकारी, काशीपुर
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