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आमरण अनशन पर शिक्षक, पुलिस की मौजूदगी में ताला तोड़कर दफ्तर में गए अधिकारी

Tue, 31 Jul 2018 06:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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निदेशालय में तालाबंदी शिक्षक - फोटो : amar ujala
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तालाबंदी को लेकर मंगलवार को शिक्षा निदेशालय में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। कर्मचारी नेताओं के बीच में कूदने से एक बार स्थिति बिगड़ गई और वार्ता के लिए पहुंचे निदेशक समेत अन्य अधिकारी लौट गए। हालांकि कुछ देर बाद दोबारा पहुंचे निदेशक ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर ताला तुड़वा दिया। वहीं, शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। 

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मंगलवार सुबह करीब नौ बजे राजकीय शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय के बाहर ग्रिल पर ताला लगा दिया। इसके चलते दफ्तर पहुंचे अधिकारी और कर्मचारी करीब तीन घंटे तक अपने दफ्तरों में प्रवेश नहीं कर सके। शिक्षक नेता ग्रिल के बाहर ही धरने पर बैठ गए और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी को वार्ता के लिए बुला लिया। करीब 11 बजे शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, भूपेंद्र सिंह, नागेंद्र बर्थवाल समेत अन्य अधिकारी कार्यालय पहुंचे और महामंत्री डा. सोहन सिंह माझिला से ताला खोलने को कहा। इस पर अधिकारियों और डा. माझिला के बीच जमकर बहस हुई। गुस्से में माझिला जमीन पर लेट गए। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षकों की लड़ाई लड़ने की सजा दी जा रही है।

शिक्षक, कार्मिक, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह, सचिव रवि पचौरी, प्रवीन रावत, सूर्यप्रकाश राणाकोटी समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों पर कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने निदेशक व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर सभी अधिकारी वहां से लौट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद अधिकारी दोबारा वहां पहुंचे शिक्षकों को गेट खोलने को कहा। इसको लेकर एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच जमकर नोक-झोंक और नारेबाजी हुई।
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आखिरकार निदेशक आरके कुंवर ने अधिकारियों को ताला तोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने खुद भी पत्थर उठाकर ताला तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारी नेताओं ने उन्हें रोकने का खूब प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें वहां से हटाया और दोपहर करीब पौने एक बजे ताला तुड़वाया। इसके बाद निदेशक समेत सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में चले गए। तालाबंदी में संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी, उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल, एजुकेशन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट समेत अन्य शिक्षक व कर्मचारी नेता शामिल रहे।

पहले ज्वाइन करुंगा, फिर कोर्ट जाऊंगा: चौहान
राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि वह बुध या बृहस्पतिवार को राइका फकोट में ज्वाइनिंग देंगे। इसके बाद वह कोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका तबादला बिना मतलब के किया गया है। वह शिक्षक संघ में पदाधिकारी नहीं है। न क्रमिक अनशन में शामिल रहे। ऐसे में उनका तबादला किस आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से पूछेंगे कि आखिर उनकी गलती क्या है। 

बहुगुणा-घिल्डियाल ने शुरू किया आमरण अनशन
निदेशालय का ताला टूटने के बाद संघ पदाधिकारियों ने आपस में बैठक की। अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने कहा कि शासन से वार्ता चलती रहेगी लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनका आमरण अनशन भी जारी रहेगा। इसके बाद संघ उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा और संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। 

कर्मचारी नेताओं की एंट्री से बिगड़े हालात
संघ अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में महामंत्री डा. सोहन सिंह माझिला और अधिकारियों की वार्ता चल रही थी। इसी बीच शिक्षक, कार्मिक, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह और सचिव रवि पचौरी ने शिक्षकों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इसको लेकर उनकी निदेशक आरके कुंवर से काफी नोक-झोंक भी हुई। कर्मचारी नेताओं के विरोध को देखते हुए निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लौटना पड़ा। 

सीईओ दफ्तर में भी की तालाबंदी
राजकीय शिक्षक संघ जिला इकाई के पदाधिकारियों ने मंगलवार सुबह मयूर विहार स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी तालाबंदी की। अध्यक्ष सुभाष झिल्डियाल और महामंत्री नागेंद्र पुरोहित के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद शिक्षक निदेशालय की तालाबंदी में शामिल होने के लिए निकल गए। कुछ देर बाद कार्यालय पहुंचे अधिकारियों ने ताला तुड़वाकर कार्यालय खुलवा लिया। 

फोन पर लेते रहे अपडेट
निदेशालय में तालाबंदी के बाद संघ पदाधिकारी जिलों को फोन कर अपडेट लेते रहे। वहीं प्रदेशभर के अलग-अलग क्षेत्रों से शिक्षक भी फोन पर निदेशालय की अपडेट पूछते रहे। शिक्षक ने न केवल फोटो और वीडियो शेयर किए बल्कि फेसबुक पर भी साझा किया। निदेशालय में ताला टूटने के बाद महामंत्री डा. माझिला ने जिला पदाधिकारियों को अपने अनुसार फैसला लेने को कहा। 

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