पंतनगर तराई बीज विकास निगम में वर्ष 2015-16 में हुए 20 करोड़ रुपये से अधिक के बीज घोटाले में एसआईटी को पूर्व कंपनी सचिव और उप मुख्य विपणन अधिकारी के खिलाफ टीडीसी से अभियोजन चलाने की अनुमति मिल गई है। घोटाले में लिप्त छह लोगों को एसआईटी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घोटाले में नामजद प्रबंधक के खिलाफ अभियोजन अनुमति का एसआईटी को इंतजार है।
टीडीसी बीज घोटाला सामने आने पर टीडीसी के दस कर्मचारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अगस्त में घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई। इसी बीच, एक नामजद आरोपी की मौत हो गई। अन्य नौ ने हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि अधिकारियों, कर्मचारियों ने बीज वितरकों के साथ मिलकर बीज को फ्लोर मिलों में खपा दिया। साक्ष्य मिलने पर एसआईटी ने 26 अप्रैल को भंडारक छदमी लाल, विपणन अधिकारी ललित बोरा और लेखाकार हरिकेश बहादुर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
साथ ही नामजद नौ आरोपियों का गिरफ्तारी स्टे खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया। स्टे खारिज होने पर 25 जुलाई को एसआईटी ने मुख्य अभियंता पीके चौहान, उप विपणन अधिकारी अजीत सिंह और वरिष्ठ लेखाकार जीसी तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद तीन अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोजन अनुमति के लिए एसआईटी ने सितंबर प्रथम सप्ताह में टीडीसी को रिपोर्ट भेजी। इस पर टीडीसी ने पूर्व कंपनी सचिव आरके निगम और उप मुख्य विपणन अधिकारी एके लोहनी के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति एसआईटी को दी है। एमडी पीएस बिष्ट की अभियोजन अनुमति के लिए एसआईटी को कुलपति पंतनगर विवि के आदेश का इंतजार है।