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...तो अब बंद हो जांएगे शानदार मल्टीप्लेक्स

Sun, 01 Jun 2014 04:48 PM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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टैक्स वसूली का नया फार्मूला देहरादून नगर निगम को भले मालामाल करने वाला हो, लेकिन निगम की झोली भरने वाले मल्टीप्लेक्स जरूर इससे कंगाली के कगार पर चले जाएंगे।
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दरअसल, निगम के नए प्रस्ताव में मल्टीप्लेक्स से प्रति शो पांच हजार रुपए वसूलने की बात तय की गई है। लेकिन मल्टीप्लेक्स संचालकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

उनका कहना है कि इस एसेसमेंट से उन पर हर साल कम से कम चार करोड़ रुपए टैक्स जमा करने का भार पड़ जाएगा, जबकि कमाई इतनी नहीं होती।

उनके मुताबिक यह प्रस्ताव लागू कर दिया गया मल्टीप्लेक्स बंद हो जाएंगे।

इनकम बढ़ाने का यह फंडा प्रैक्टिकल नहीं

शहर में चार मल्टीप्लेक्स हैं। अभी इनसे प्रति शो बीस रुपए टैक्स लिया जाता है। हाल ही में निगम की कार्यकारिणी बैठक में यह टैक्स बढ़ाकर पांच हजार रुपए करने का प्रस्ताव बनाया गया है।

एक मल्टी प्लेक्स में हर दिन 23 से 25 शो चलते हैं। ऐसे में हर दिन का टैक्स 1,25,000 रुपए बनता है। महीने में यह रकम 37.5 लाख जबकि वार्षिक 4.5 करोड़ बनती है।

इस तरह चार मल्टीप्लेक्स से निगम सालभर में करीब 18 करोड़ रुपए बतौर टैक्स आय कर लेगा। लेकिन, इनकम बढ़ाने का यह फंडा प्रैक्टिकल नहीं है।

तो बंद हो जाएंगे मल्टीप्लेक्स

दरअसल निगम यह मानकर चल रहा है कि मल्टीप्लेक्स में हर शो हाउसफुल है। जबकि हकीकत कुछ और है।

मल्टीप्लेक्स संचालकों की मानें तो शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ही 80 से 90 फीसदी टिकट बुक होते हैं। बाकी दिन तो बुकिंग दस से बीस फीसदी तक ही रह पाती है।

ऐसे में अगर हर शो के लिए पांच हजार टैक्स देना पड़ा तो हर हफ्ते शुरुआती चार दिन मल्टीप्लेक्स लाखों के घाटे में आ जाएगा। लगातार घाटे से इन्हें बंद करना पड़ेगा।
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इनका क्या कहना है...

यह अंतिम निर्णय नहीं है। अभी तो प्रस्ताव ही तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां इस पर आपत्तियां भी दर्ज की जाएंगी। बोर्ड बैठक के बाद ही इस प्रस्ताव को लागू करने या इसमें संशोधन करने पर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
- विनोद चमोली, मेयर

निगम ने पता नहीं कैसे गणना की है। हर टिकट में तीन फीसदी मनोरंजन कर लगता है, जबकि 35 फीसदी रकम डिस्ट्रीब्यूटर को जाती है। जितना टैक्स लगाया है, उतना तो कई बार टोटल कलेक्शन भी नहीं होता। हर शो के 5000 दिए तो ताले लगाने की नौबत आ जाएगी।
- सुयश अग्रवाल, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सिल्वर सिटी
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