गंगोलीहाट विकासखंड के तहत पव्वाधार-नैनी जागेश्वर सड़क पर सेरागड़ा के पास पुल स्वीकृत करने और आंवलाघाट, चंडिकाघाट में स्वीकृत पुल बनाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने की मांग की गई। इस संबंध में पूर्व पालिकाध्यक्ष ने सीडीओ को पत्र दिया।
मंगलवार को पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने सीडीओ डॉ. सौरभ गहरवार से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगोलीहाट विकासखंड की कुछ सड़कें लंबे समय स्वीकृत होने के बाद भी नहीं बन पाई हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने पव्वाधार से नैनी जागेश्वर सड़क पर सेरागड़ा में सरयू नदी पर पुल स्वीकृत करने की मांग की है। यहां पर पुल निर्माण से गंगोलीहाट से अल्मोड़ा की दूरी 30 किमी कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अग्रोन बैंड से आंवलाघाट 2006 में 17 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। इसमें पुल भी स्वीकृत हुआ है। ये सड़क वन अधिनियम से अवमुक्त हुई है। उन्होंने यहां पर रामंगगा नदी में पुल के निर्माण करने की मांग की। पुल के बनने के बाद गंगोलीहाट से भैंरग पट्टी की दूरी 35 किमी कम हो जाएगी। साथ ही उससे भैंरग पट्टी के लोगों को भी फायदा मिलेगा। पोखरी-चंडिकाघाट सड़क में गराली से चंडिका घाट तक आठ किमी सड़क पुलिया स्वीकृत है उन्होंने चंडिकाघाट में पुलिया निर्माण करने की मांग की।
मूनाकोट विकासखंड के पांच से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है। बावजूद इसके सड़क को ठीक करने को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आलम ये है कि ग्रामीण इस सड़क पर खुद गड्ढे भरकर वाहनों की आवाजाही कराने को मजबूर हैं। इसके बाद भी सड़क को ठीक करने को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क को ठीक करने की मांग की है।
धारी ऐर सड़क के बदहाल होने से तल्लागांव, मल्लागांव, डिगरा, बेलतड़ी, सागर, रोलिया सहित कई अन्य गांवों के ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 15 साल पहले कटी सड़क पर डामर नहीं होने से सड़क बदहाल है, जिस कारण ग्रामीणों पांच किमी की पैदल चलने को मजबूर हैं।
धारी ऐर की प्रधान रीना देवी का कहना है कि सड़क पर डामरीकरण का मुद्दा विधायक, जनता दरबार से लेकर सीएम पोर्टल पर भी रख दिया है। इसके बाद भी सड़क को ठीक करने को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।