देहरादून की तस्कीन खान ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने यूपीएससी में ऑल इंडिया 736 रैंक हासिल की है।
तस्कीन ने बताया कि उनका जन्म देहरादून में हुआ और पढ़ाई भी यहीं हुई है। लेकिन, 2018 के बाद से वह और उनका परिवार मेरठ शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने 12वीं तक केवी ओएफडी में पढ़ाई की। इसके बाद डीबीएस पीजी कॉलेज से बीएससी किया। 2017 में बीएससी पास करने के बाद मॉडलिंग करना शुरू कर दिया। मॉडलिंग में कॅरिअर बनाने का मन नहीं था तो पढ़ाई की ओर रुख किया। 2019 से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और चौथी बार में सफलता हासिल कर ली। तस्कीन ने बताया कि उनका रुझान पढ़ाई में शुरू से अधिक रहा है। कक्षा में हमेशा अच्छे अंक हासिल किए हैं। इस बार उन्होंने चौथी बार परीक्षा दी थी लेकिन इंटरव्यू के लिए वह पहली बार चयनित हुई थीं और सफलता मिल गई।
‘पहाड़ी लोगों के लिए काम करना चाहूंगी’
तस्कीन ने बताया कि पिता आफताब खान, मां शाहीन खान और छोटी बहन अलीजा खान मेरठ में रहते हैं। बहन मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। उनकी पहली इच्छा आईएएस बनने की थी और दूसरा विकल्प इंडियन फॉरेन सर्विस था। उनका कहना है कि अगर उन्हें उत्तराखंड में काम करने का मौका मिला तो वह पहाड़ी लोगों के लिए काम करना चाहेंगी।
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मसूरी के माधव ने दिन में काम और रात में पढ़ाई से हासिल की सफलता
मसूरी। यूपीएससी में मसूरी के माधव भारद्वाज ने देश में 536 रैक हासिल की है। माधव ने बताया कि वह दिन में काम करते थे और रात को छह से आठ घंटे पढ़ाई कर ये सफलता हासिल की है।
शहर के कैमल बैक रोड बहुगुणा पार्क के निकट रहने वाले माधव भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने 2020 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी। पिछली बार तीन नंबर से रह गए थे, उन्हें दूसरी बार परीक्षा में सफलता मिली है। बताया कि उनके पिता रामकुमार भारद्वाज लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में नौकरी करते थे। उन्होंने बचपन से लक्ष्य बनाया था कि सिविल सेवा में जाना है। जिसके लिए कड़ी मेहनत की। पहले इंजीनियरिंग की उसके बाद एमबीए और उसके बाद जॉब शुरू की। जॉब के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में स्टार्टअप में प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने हर दिन छह से आठ घंटे पढ़ाई की।