-ग्रामीण क्षेत्रों की 428 में से 48 पेयजल योजनाएं अभी आधी-अधूरी
राजधानी दून के ग्रामीण अंचलों के घरों में नल से शुद्ध जल पहुंचा या नहीं लेकिन घर-घर तक कनेक्शन जरूर पहुंच गए हैं। वहीं लंबे समय से कनेक्शन लेकर बैठे ग्रामीण अपने घरों में नल से शुद्ध पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, अफसरों का दावा है कि तय समय से पहले ही हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का कार्य गतिमान है लेकिन, राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 48 योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। जबकि घर-घर तक पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। पेयजल योजनाओं की धीमी रफ्तार और अधूरे कार्य को देखते हुए पहले ही केंद्र सरकार की ओर से एक साल का समय बढ़ाते हुए मार्च 2025 तक कार्य पूरा करने का समय दिया गया है।
वहीं अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए करीब चार महीने से ज्यादा का समय है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण अंचलों के 637 राजस्व गांवों में 428 योजनाओं को पूरा किया जाना है। जबकि इनमें से 380 पेजयल योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है और ग्रामीणों को इनसे पानी उपलब्ध हो रहा है। वहीं शेष 48 पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए कार्य चल रहा है।
कनेक्शन का कार्य लगभग सौ फीसदी पूरा
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को एक रुपये में पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत दून के ग्रामीण क्षेत्रों के 1,29,491 घरों में कनेक्शन दिए जाने थे। जिनमें से 42 कनेक्शन का कार्य शेष है। ऐसे में कनेक्शन लेने के बाद लंबे समय से ग्रामीण पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सीएम और डीएम अधूरे कार्यों पर सख्त
सीएम पुष्कर धामी ने 22 नवंबर को पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए बैठक में निर्देश दिए हैं। इससे पहले डीएम सविन बंसल भी 19 नवंबर को इस संबंध में बैठक कर चुके हैं। डीएम ने अधिकारियों को जनवरी तक हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दे चुके हैं।
ग्रामीण अंचलों की पेयजल योजनाओं का करीब 90 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 10 फीसदी कार्य को जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। तय समय से पहले ही सभी पेयजल योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा। -अभिनव शाह, सीडीओ, देहरादून
दून में प्रमाणीकरण का कार्य सबसे आगे
ग्रामीण पेयजल योजनाओं का कार्य पेयजल निगम और जलसंस्थान की ओर से कराया जा रहा है। फिलहाल दोनों ही विभागों की ओर से 637 राजस्व गांव में से 507 में योजनाओं के प्रमाणीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रदेश में दून योजनाओं के प्रमाणीकरण को लेकर सबसे आगे है। उधर, जल जीवन मिशन सभी योजनाओं का अलग से क्रॉस वेरिफिकेशन करा रहा है। ताकि योजनाओं के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की खामी न रहे।
-चार महीने में हर घर तक नल से शुद्ध जल को पहुंचाना अब भी चुनौती
राजधानी दून के ग्रामीण अंचलों के घरों में नल से शुद्ध जल पहुंचा या नहीं लेकिन घर-घर तक कनेक्शन जरूर पहुंच गए हैं। वहीं लंबे समय से कनेक्शन लेकर बैठे ग्रामीण अपने घरों में नल से शुद्ध पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, अफसरों का दावा है कि तय समय से पहले ही हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का कार्य गतिमान है लेकिन, राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 48 योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। जबकि घर-घर तक पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। पेयजल योजनाओं की धीमी रफ्तार और अधूरे कार्य को देखते हुए पहले ही केंद्र सरकार की ओर से एक साल का समय बढ़ाते हुए मार्च 2025 तक कार्य पूरा करने का समय दिया गया है।
वहीं अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए करीब चार महीने से ज्यादा का समय है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण अंचलों के 637 राजस्व गांवों में 428 योजनाओं को पूरा किया जाना है। जबकि इनमें से 380 पेजयल योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है और ग्रामीणों को इनसे पानी उपलब्ध हो रहा है। वहीं शेष 48 पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए कार्य चल रहा है।
कनेक्शन का कार्य लगभग सौ फीसदी पूरा
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को एक रुपये में पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत दून के ग्रामीण क्षेत्रों के 1,29,491 घरों में कनेक्शन दिए जाने थे। जिनमें से 42 कनेक्शन का कार्य शेष है। ऐसे में कनेक्शन लेने के बाद लंबे समय से ग्रामीण पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सीएम और डीएम अधूरे कार्यों पर सख्त
सीएम पुष्कर धामी ने 22 नवंबर को पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए बैठक में निर्देश दिए हैं। इससे पहले डीएम सविन बंसल भी 19 नवंबर को इस संबंध में बैठक कर चुके हैं। डीएम ने अधिकारियों को जनवरी तक हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दे चुके हैं।
ग्रामीण अंचलों की पेयजल योजनाओं का करीब 90 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 10 फीसदी कार्य को जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। तय समय से पहले ही सभी पेयजल योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा। -अभिनव शाह, सीडीओ, देहरादून
दून में प्रमाणीकरण का कार्य सबसे आगे
ग्रामीण पेयजल योजनाओं का कार्य पेयजल निगम और जलसंस्थान की ओर से कराया जा रहा है। फिलहाल दोनों ही विभागों की ओर से 637 राजस्व गांव में से 507 में योजनाओं के प्रमाणीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रदेश में दून योजनाओं के प्रमाणीकरण को लेकर सबसे आगे है। उधर, जल जीवन मिशन सभी योजनाओं का अलग से क्रॉस वेरिफिकेशन करा रहा है। ताकि योजनाओं के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की खामी न रहे।