डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे राज्य के लिए स्वास्थ्य महकमा अब तमिलनाडु और उड़ीसा से डॉक्टर लाने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशालय एक सप्ताह में शासन को प्रस्ताव भेजेगा और अगर शासन से स्वीकृति मिल गई तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 27 सौ पद सृजित हैं और काम सिर्फ 1060 डॉक्टर कर रहे हैं। इसमें संविदा के डॉक्टर भी शामिल हैं। स्वास्थ्य महकमे को उत्तराखंड में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से निकलने वाले डॉक्टर पहाड़ पर सेवाएं देने से कतराते हैं। कुछ डॉक्टर पहाड़ चढ़ भी जाते हैं तो पीजी करने के बहाने गायब हो जाते हैं। अब स्वास्थ्य महकमा तमिलनाडु और उड़ीसा से डॉक्टरों को लाने की तैयारी कर रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस रावत ने बताया कि पहले चरण में तमिलनाडु और उड़ीसा से सौ डॉक्टर लाए जाएंगे। ये डॉक्टर संविदा पर लाए जाएंगे और इनमें विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। शासन से अगर स्वीकृति मिल गई तो तीन माह के भीतर सौ डॉक्टर आ जाएंगे। तमिलनाडु और उड़ीसा से आने वाले डॉक्टर अगर आयोग के माध्यम से स्थायी तौर पर सेवाएं देना चाहेंगे तो उन्हें अवसर दिया जाएगा।