23 साल से चल रहा गड़बड़झाला
सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में फर्जीवाड़ा नई बात नहीं है। यहां 23 साल से गड़बड़झाला चल रहा है। इसलिए जांच अधिकारी के रडार पर 10 पूर्व सब रजिस्ट्रार भी हैं। इनमें से तीन सेवानिवृत्त हो चुके और एक की मौत हो चुकी है। 31 लिपिकों की भी जांच चल रही है
इन चार मामलों ने उठाया खेल से पर्दा
प्रेमलाल प्रकरण : पूर्व महिला आईएएस प्रेमलाल की ग्राम रैनापुर में 60 बीघा भूमि के दस्तावेज लेकर मक्खन सिंह निवासी नगरिया, पूरनपुर, पीलीभीत सामने आए। जांच में पता चला कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में इनके दस्तावेज ही गायब हैं।
राजकुमारी पद्मावती : करीब 1.65 एकड़ की इस संपत्ति पर इंद्रावती निवासी ग्राम बाल खोवा बोगीविल, जिला डिब्रूगढ़, असम के बेटे संतोष अग्रवाल ने दावा किया। इसके दस्तावेज में भी गड़बड़ी पाई गई।
कुंवर चंद्र बहादुर : मसूरी में इनकी जमीन को मोतीलाल अग्रवाल निवासी खोवा बोगीविला, डिब्रूगढ़, असम को बेचा जाना दर्शाया गया था। इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया।
स्वरूप कुमारी अवस्थी : जाखन में स्वरूप कुमारी अवस्थी निवासी ईसी रोड, देहरादून ने 2.79 बीघा जमीन मुल्क राज मधोक से 1969 में खरीदी थी। दस्तावेज में मोहल्ला काननूगोयान कांधला के मांगेराम ने इस पर दावा किया। इसमें भी फर्जीवाड़ा किया गया।