स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार है। जिले में दो और रोगियों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि 12 नए संदिग्ध रोगी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनके खून के नमूने दिल्ली भेज दिए हैं।
सोमवार को विभिन्न अस्पताल प्रबंधनों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को स्वाइन फ्लू के 12 संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे। ज्यादातर मरीजों को सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द और छाती में जकड़न की शिकायत है। उनमें स्वाइन फ्लू जैसे प्रारंभिक लक्षण भी मिले हैं।
उधर, सोमवार को ही दिल्ली स्थित नेशनल सेंट्रल फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) प्रयोगशाला से 12 मरीजों की जांच रिपोर्ट मिली है। इनमें दो मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें से एक हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट और दूसरा महंत इंदिरेश अस्पताल पटेलनगर में भर्ती है। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या 32 हो गई है।
मौसम ने बढ़ाई चिंता
मौसम के बदले मिजाज ने स्वाइन फ्लू के संक्रमण की चिंता बढ़ा दी है। सामान्यत: मार्च का महीना स्वाइन फ्लू के वायरस के लिए मुफीद नहीं माना जाता। स्वास्थ्य विभाग इसी वजह से अब तक निश्चिंत था। लेकिन इस बार मार्च में भी बारिश, बर्फबारी के चलते तापमान कम रहने से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। विभाग अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था में जुटा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. मदन बोनाल ने बताया कि तीस डिग्री से कम तापमान पर वायरस के सक्रिय होने की संभावना अधिक होती है। लोगों से सेहत का ख्याल रखने की अपील की।