बीते दिनों बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया और इसमें जांच की। इधर, सोमवार को पीड़ित छात्रा के परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और प्रबंधक पर आरोप लगाया कि उन्होंने 25 लाख रुपये देने की बात कही है। कहा कि वे यह रकम ले लें और मामले को खत्म करा दें।
इस तरह उनका और ज्यादा उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके साथ ही सोमवार को ही प्रबंधक प्रेम कश्यप भी एसएसपी से मिले थे। इस पर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने प्रबंधक को दो टूक कहा कि वे छात्रा के घर नहीं जाएंगे। यदि उन्हें कोई बात करनी है तो वे इसके लिए पत्राचार कर सकते हैं। कड़े शब्दों में हिदायत के बाद दोनों पक्ष कार्यालय से चले गए। इस मामले में प्रेम कश्यप ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।