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अयोध्या राम मंदिर मामले में शंकराचार्य स्वरूपानंद ने BJP को लगाई लताड़

Sun, 12 Jun 2016 06:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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स्वरूपानंद सरस्वती
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि राम जन्म भूमि (अयोध्या) में केवल राम मंदिर बने। मस्जिद नहीं बननी चाहिए।
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दोनों बने तो विवाद होगा। कभी मस्जिद में अजान होगी तो कभी मंदिर में घंटा बजेगा। ये किसी पक्ष को बर्दाश्त नहीं होगा। भाजपा राम को आदर्श पुरुष मानती है भगवान नहीं।

आदर्श पुरुष का स्टेच्यू बनाया जाता है। जबकि हम आराध्य राम का मंदिर बनाना चाहते हैं। यह भी साफ हो चुका है कि बाबर कभी अयोध्या ही नहीं गए तो उसकी जन्म भूमि कैसे हो गई।
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रविवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता में शंकराचार्य ने कहा कि भाजपा और घटक दल राम मंदिर क्यों नहीं बनाते अब तो केंद्र में उनकी सरकार है।
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गंगा जल की बिक्री गंगा का अपमान

शंकराचार्य स्वरूपानंद - फोटो : AmarUjala
यदि यह लोग (संघ से जुड़े लोग) विवाद को जन्म नहीं देते तो कांग्रेस प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की ओर से मंदिर के लिए अधिग्रहण की गई 65 एकड़ भूमि पर मंदिर बन भी जाता। लेकिन मामला कोर्ट में चले जाने और कोर्ट से जन्मभूमि को दोनों वर्गों को दिए जाने पर विवाद हो गया है।

उसके बाद से मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। उन्होंने गंगा जल की बिक्री को गंगा का अपमान बताया। कहा कि धर्म इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। क्योंकि प्लास्टिक की कैनी की कीमत तय हो सकती है। लेकिन गंगाजल की कीमत तय नहीं की जा सकती।

गंगाजल की एक-एक बूंद बहुमूल्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि गंगा इस समय प्रदूषित है। पहले गंगा को स्वच्छ करने की सोचें। ऐसे आश्रमों को हटाए जाने चाहिए जो गंगा को प्रदूषित करते हैं। उन्होंने कैराना से हिंदुओं के पलायन पर कहा कि उत्तर प्रदेश की सपा और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि पलायन रोकने के लिए कार्रवाई करें।

हिंदुओं का पलायन चिंता का विषय है। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कहा कि पहले देश को ताकतवर बनना होगा।
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