स्वामी स्वरूपानंद के ब्रह्मलीन होने पर राज्यपाल और सीएम ने जताया शोक
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने संत समाज और उनके अनुयायियों के लिए इसे अपूर्णीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा की स्वामी स्वरूपानंद ने धर्म, आध्यात्म व परमार्थ के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, जिसे सदैव याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद का गोलोक धाम जाना संत समाज के साथ ही पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति है।
शंकराचार्य स्वरूपानंद के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्य हमेशा रहेंगे याद
ज्योतिष्पीठ एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने से जोशीमठ में शोक की लहर है। क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस पर शोक जताया। जोशीमठ स्थित ज्योतिर्मठ में जहां शोक की लहर है वहीं शंकराचार्य मठ और साधु संतों ने शोक व्यक्त किया। कहा गया कि शंकराचार्य स्वरूपानंद के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने शंकराचार्य के ब्रह्मलीन होने पर इसे सनातन धर्म के लिए बड़ी क्षति बताया। कहा कि उनकी ओर से किए गए धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों को समाज सदैव याद रखेगा। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती, ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, विष्णुप्रिय नंद, महिमा नंद उनियाल, जगदीश उनियाल, मनोज भट्ट, वैभव सकलानी, कृष्ण मणि थपलियाल आदि ने शोक व्यक्त किया है।
वहीं रुद्रप्रयाग में भी सनातन धर्म के अनुयायियों ने शोक जताया। शंकराचार्य जी महाराज के शिष्य व केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिर मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती ने कहा कि एक युग का अंत हो गया है। बताया कि वर्ष इलाहाबाद कुंभ में त्रिवेणी संगम पर शंकराचार्य जी से दीक्षा प्राप्त की थी। बताया कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य समाधिस्थल का निर्माण कर वहां शिवलिंग स्थापित किया था। दूसरी तरफ बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी-गंगाधर लिंग, बागेश लिंग, शिव लिंग, आचार्य विश्वमोहन जमलोकी, संस्कृत अकादमी के पूर्व निदेशक डा. सुरेशानंद बहुगुणा, संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डा. भानु प्रकाश देवली ने जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर दुख प्रकट किया।