ज्योतिष्पीठ के नए शंकराचार्य का चयन करने के बजाया स्वरूपानंद सरस्वती ने जबलपुर में अपना अभिषेक पुन: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में करा लिया।
स्वरूपानंद सरस्वती के खुद को दुबारा शंकराचार्य बनाने पर पुरी और शृंगेरी के शंकराचार्यों सख्त नाराज हैं। पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने जबलपुर में हुए अभिषेक की पूरी रिपोर्ट मंगाई है और शृंगेरी के शंकराचार्य भारती तीर्थ ने कहा है कि वे चयन प्रक्रिया में भाग लेने काशी आएंगे। धर्म मंडल ने स्वरूपानंद द्वारा कराए गए अपने चयन को अमान्य कर दिया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद से वासुदेवानंद सरस्वती और स्वरूपानंद सरस्वती दोनों को ही इस पद के अयोग्य पाया था। स्वरूपानंद पर आरोप था कि वे द्वारिका के शंकराचार्य रहते हुए ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य नहीं बन सकते। उच्च न्यायालय ने पुरी और शृंगेरी के
शंकराचार्यों से आग्रह किया था कि वो द्वारिका के शंकराचार्य के साथ बैठकर ज्योतिष्पीठ के नए शंकराचार्य का चयन कर लें। इस कार्य में काशी विद्वत्व परिषद और धर्म महामंडल भी सहयोग प्रदान करेगा।