मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा है कि हरिद्वार में वर्ष 2021 में होने वाले महाकुंभ के लिए अखाड़ों को स्थाई जमीनों को आवंटन नही किया जाना चाहिए। अगर ऐसा किया गया तो मातृसदन प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कुंभ की जमीन के लिए मातृसदन ने लंबी लड़ाई लड़ी है। भूमाफिया से संघर्ष करके वर्ष 2001 में उसके चुंगल से 1625 बीघा जमीन मुक्त कराके वन विभाग को दी थी, तब जाकर इस जमीन पर महाकुंभ आदि मेलों का आयोजन हो पाता है।
इसके बाद ही सरकार ने इसी जमीन पर वर्ष 2010 में महाकुंभ का आयोजन किया। लेकिन अब सरकार की ओर से उनके साथ महाकुंभ मेले के संबंध में कोई वार्ता और सलाह तक नहीं ली जाती है।
कहा कि महाकुंभ का विस्तारीकरण हरिद्वार के दक्षिण क्षेत्र में किया जाए। महाकुंभ और गंगा के लिए शहादत देने वाला मातृसदन महाकुंभ क्षेत्र को कलंकित नहीं होने देगा। इसके लिए मातृसदन ने सरकार और मेला प्रशासन को अपनी सलाह भी भेजी है ताकि आने वाला महाकुंभ सकुशल संपन्न हो सके।