प्रदेश में खनन को लेकर हाईकोर्ट की रोक पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे हासिल करने के बाद सरकार ने गंगा में खनन के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस पर मातृसदन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चीफ जस्टिस को पत्र भेजा है। साथ ही यह भी साफ किया है कि गंगा के लिए मातृसदन एक और बलिदान देने के लिए तैयार है।
मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा में विधिवत रूप से खनन बंद होने के दौरान ही नैनीताल हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अलग-अलग आदेशों में पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। सरकार हाईकोर्ट के चार महीने तक खनन बंद करने के फैसले पर स्टे ले आई है और अब गंगा में खनन की तैयारी कर रही है।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि मातृसदन ऐसा कभी नहीं होने देगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर बरसते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि रमेश पोखरियाल निशंक के मुख्यमंत्री रहते ब्रह्मचारी निगमानंद की हत्या हुई।