तो एम्स प्रबंधन ने यह कहकर दल को स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शन करने नहीं दिए कि उन्होंने अभी स्वामी सानंद के दर्शन कराने के लिए तैयारी पूरी नहीं की है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि वह सानंद के समर्थकों की संख्या निर्धारित नहीं कर सकते और न ही वह यह निर्धारित कर सकते हैं कि कौन स्वामी सानंद के दर्शन के लिए एम्स जाएगा।
यदि उन्होंने निर्धारण किया तो जो समर्थक दर्शन करने से वंचित रह जाएंगे, वो उनसे नाराज होंगे और उनकी आस्था को भी ठेस पहुंच सकती है। शिवानंद ने कहा कि इसलिए वह भी स्वामी सानंद के दर्शन के लिए एम्स नहीं जाएंगे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर एम्स के खिलाफ मुकदमा करेंगे।