उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ रहस्य नहीं है तो क्या वजह है कि संत गोपालदास अपने दोनों मोबाइल फोन और थैला आदि सामान अस्पताल में ही छोड़कर चले गए। वह जसबीर नाम का व्यक्ति कौन है जो उन्हें दून अस्पताल में भर्ती करवाने आया था।
उन्होंने कहा कि इससे भी पर्दा उठना चाहिए। स्वामी शिवानंद ने कहा कि इस समय शासन, प्रशासन, और माफिया सब एक ही हो गया है। दावे बहुत किए जा रहे हैं, लेकिन गंगा की चिंता कोई नहीं कर रहा है। जो गंगा और उसकी सहयोगी नदियों की चिंता करता है ऐसे संतों को मारा जा रहा है।