इसके बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि स्वामी सानंद की मौत नहीं हुई है बल्कि उनकी सुनियोजित हत्या की गई है।
क्योंकि, स्वामी सानंद को बुधवार दोपहर जब प्रशासन ने जबरन उठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया तो वह पूरी तरह ठीक थे। फिर आखिर ऐसी क्या बात हुई कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत भी हो गई।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि उन्होंने तो पहले ही आशंका जताई थी कि स्वामी सानंद की हत्या के लिए ही उन्हें यहां से उठाकर एम्स ले जाया जा रहा है। एम्स में उनका जीवन वैसे भी सुरक्षित नहीं रहना था।
उन्होंने कहा कि इस हत्या कि पीछे खनन माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। खनन माफिया के इशारे पर ही पहले मातृ सदन के ब्रह्मचारी स्वामी निगमानंद सरस्वती की हत्या की गई और अब स्वामी सानंद की भी हत्या कर दी गई है। उ
गंगा के हितों की रक्षा के लिए मातृ सदन अपना सतत अभियान जारी रखेगा। स्वामी शिवानंद ने कहा कि अगर भाजपा सरकार बलिदान ही चाहती है तो मातृ सदन कितने भी बलिदान देने से पीछे नहीं हटेगा।