स्वामी गोपाल दास, गंगा भक्त और स्वामी सानंद जैसे ही गंगा के लिए लड़ाई लड़ने वाले समाजसुधारक ( जो 24 जून से गंगा सफाई अभियान और मुक्त प्रवाह के लिए भूख हड़ताल पर थे) को 12 अक्टूबर की देत रात एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बता दें की गोपाल दास बद्रीनाथ में विरोध पर बैठे थे, जिसके बाद उन्हें मातृ सदन ले जाया गया। हालांकि मातृ सदन प्रमुख स्वामी शिवानंद ने गोपाल दास को ये सलाह दी है कि वह ये विरोध फिलहाल के लिए त्याग दें और 20 अक्तूबर यानि नवरात्र व्रत समाप्त होने के बाद शुरू कर सकते हैं।
इसके बाद स्वामी गोपाल दास ने नींबू पानी ग्रहण किया, लेकिन उसके बाद भी उनकी तबियत में सुधार नहीं आया और उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती किया गया।