शाम के समय एक बार फिर पत्रकारों ने स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से बात करने की कोशिश की, लेकिन स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना कहा कि उन्हें जो कहना है, वह शाहजहांपुर जाकर ही कहेंगे।
इतना कहकर वह गंगाघाट की तरफ चल दिए। आश्रम में सन्नाटा पसरा हुआ है। वर्ष 2012 में भी स्वामी चिन्मयानंद पर उनकी एक शिष्या ने गंभीर आरोप लगाए थे। अलबत्ता, स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती बाद में सारे आरोपों से बच गए थे।