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Uttarakhand: 16 दिसंबर से शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू करेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, यह रहेगा पूरा कार्यक्रम

Fri, 29 Nov 2024 09:32 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

शीतकालीन यात्रा के लिए 30 नवंबर से पंजीकरण प्रारंभ किया जाएगा जो 10 दिसंबर तक चलेगा। विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री इस दौरान अपना पंजीकरण ज्योतिर्मठ सेवालय में कर सकते हैं।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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चारधामों के गद्दी स्थलों पर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए ज्योति पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में 16 दिसंबर से शीतकालीन पूजा स्थल तीर्थयात्रा शुरू होगी। सात दिवसीय इस यात्रा का समापन 22 दिसंबर को शंकराचार्य आश्रम हरिद्वार में होगा।

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शुक्रवार को ज्योतिर्मठ यात्रा सेवालय की ओर से यात्रा की तैयारी को लेकर वर्चुअल बैठक की गई। ज्योतिर्मठ प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि शीतकालीन यात्रा के लिए 30 नवंबर से पंजीकरण प्रारंभ किया जाएगा जो 10 दिसंबर तक चलेगा। विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री इस दौरान अपना पंजीकरण ज्योतिर्मठ सेवालय में कर सकते हैं।

बैठक का संचालन डॉ. बृजेश सती ने किया। बैठक में चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष व गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, यमुनोत्री तीर्थ पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोतम उनियाल, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति अध्यक्ष उमेश सती, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, ज्योतिर्मठ प्रबंधक विष्णु प्रिया नंद मौजूद रहे।
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यह है यात्रा का कार्यक्रम
16 दिसंबर को तीर्थयात्रियों का दल हरकी पैड़ी में गंगा-पूजन के बाद मां यमुना के शीतकालीन पूजा स्थल खरसाली पहुंचेगा। 17 दिसंबर को धनारी में रात्रि विश्राम होगा। 18 को यात्रा दल मां गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल मुखवा पहुंचेगा। 19 को केदारनाथ शीतकालीन पूजा स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पूजा अर्चना के बाद अगले दिन यात्रा नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ और पांडुकेश्वर के बाद रात्रि प्रवास को ज्योर्तिमठ में करेगा। अगले दिन यात्रा दल कमलेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद शंकराचार्य आश्रम पहुंचेगी। 22 दिसंबर को यात्रा का विधिवत समापन होगा।

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