21 नवंबर के बाद धर्म सेंसर बोर्ड गठन की कवायद
वाराणसी में 2015 में हुए मुकदमे में उनके खिलाफ जारी एनबीडब्ल्यू के सवाल पर कहा कि उनके अधिवक्ता की ओर से न्यायालय को जानकारी दे दी गई है। धर्म की रक्षा की लड़ाई में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। धर्म के लिए जेल जाना पड़े तो जाएंगे पीछे नहीं हटेंगे, तब भी नहीं हटे थे।
शंकराचार्य ने कहा कि हिंदी फिल्में, धारावाहिक और वेब सीरिज बनाने वाले विशेष समुदाय के निर्देशक और निर्माता हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। इससे सनातनी आहत होते हैं। इसको रोकने के लिए 21 नवंबर के बाद धर्म सेंसर बोर्ड गठन की कवायद की जाएगी।
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बोर्ड में सनातनी विद्वान शामिल होंगे। वह समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट देंगे। इसके देवी-देवताओं के अपमान वाली फिल्मों और धारावाहिक पर रोक लगाने के लिए सरकार से सिफारिश की जाएगी। अपने अनुयायियों से उसे देखने के लिए बहिष्कार करने की अपील की जाएगी।