जो आने वाले सालों में देश के लिए घातक साबित होगी। ऐसे में केंद्र सरकार को जनसंख्या नियंत्रण पर कठोर कानून बनाना होगा। उन्होंने स्वामी असीमानंद पर लगे हिंदू आतंकवाद के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि स्वामी असीमानंद तपस्वी संत हैं और आदिवासी क्षेत्रों में लोगों को नया जीवन देने का काम किया है।
ऐसे में उन पर इस तरह के आरोप लगाना निंदनीय है। इस मौके पर स्वामी असीमानंद ने कहा कि जनता ने भाजपा को भारी जनादेश देकर बता दिया है कि अब देश में राष्ट्रविरोधी कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि कम्यूनिस्ट समेत तमाम देश विरोधी ताकतें साजिश के तहत हिंदू आतंकवाद की बात को साजिश के तहत प्रचारित कर रही थी। जिसका कोई आधार नहीं था। यह बात लोकसभा चुनाव के परिणामों ने भी साबित कर दी है। इस मौके पर जगदगुरु उदासीन आश्रम हरिद्वार के स्वामी सुतीक्ष्ण मुनि, मनोज जखमोला, मधुर शर्मा, मोहन सिंह बुटोला आदि मौजूद रहे।