यहां लोग अब भी खुले में शौच को जा रहे हैं। जबकि घर में बने शौचालय का इस्तेमाल इन्होंने भूसा और उपले रखने में कर लिया है। कुछ परिवारों ने शौचालय बंद कर उनमें छोटी दुकान खोल ली है।
ग्राम प्रधान राजेश कुमार, शकुंतला चौहान, मेनका रानी आदि का कहना है कि ग्रामीणों को गंगा किनारे खुले में शौच करने के लिए मना किया गया। उनको शौचालय के प्रयोग करने के फायदे भी बताए गए। इसके बाद भी ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हैं। इन पंचायत प्रतिनिधियों को कहना है कि अब जिला प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
अभी तक इस तरह का कोई मामला प्रशासन के संज्ञान में नहीं था। इसकी जांच करवाई जाएगी। पहले ग्रामीणों को समझाया जाएगा। यदि इसके बाद भी घर में बने शौचालयों का प्रयोग नहीं करेंगे तो जुुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
- सी रविशंकर, जिलाधिकारी हरिद्वार