बताया कि 25 दिसंबर को वह वैष्णो देवी गया था। जब वापसी में अमृतसर पहुंचा था तो उसकी बहन पिंकी का फोन आया। पिंकी ने उसे बताया कि अवतार सिंह उसके ससुराल आए थे और मां को दिखवाने की बात कहते हुए मनदीप और चरनजीत के जेवरों से भरा बैग उसे देकर चले गए।
किसी अनहोनी की आशंका पर उसने घर पर फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इस पर उसने पड़ोसी को फोन कर घर में देखने को कहा। पड़ोसी ने ही उसे मां चरनजीत और पत्नी मनदीप के मारे जाने की सूचना दी। बताया कि घर से जमीन की रजिस्ट्री, पासबुक और पैसे गायब हैं। पुलिस ने अवतार सिंह के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस शुक्रवार को आरोपी अवतार सिंह की खोजबीन में लगी रही। कोतवाल मोहन चंद पांडे ने बताया कि सर्विलांस की मदद ली जा रही है। बताया कि उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन पुलभट्टा के निकट ग्राम भंगा में पाई गई है। उसके बाद से ही अवतार का मोबाइल स्विच आफ है। बताया कि अवतार की तलाश के लिये क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
फॉरेंसिक टीम ने लिए नमूने
शुक्रवार सुबह पुलिस मुख्यालय से पहुंचीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर रखी वस्तुओं के नमूने लिए। जिस स्थान पर मृतकों का घर है वह गली काफी संकरी है और इसमें काफी आवाजाही रहती है। ऐसे में गला घोटकर हत्या करने पर महिलाओं का संघर्ष न करने और शोर न मचाने से आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने से पूर्व दोनों को नशीली चीज या जहर खिलाया गया होगा।
मृतक चरनजीत कौर की पुत्री पिंकी पुलभट्टा के निकट सतुईया गांव में रहती है। घटना के बाद बृहस्पतिवार शाम सात बजे आरोपी अवतार सिंह पिंकी के घर पहुंचा था। उस समय उसके हाथ में एक बैग था जिसमें घर के कुछ जेवरात थे और एक थैली में नये कपड़े व जूते थे। अवतार जब पिंकी के घर पहुंचा तो उसके हाथ से खून निकल रहा था।
चोट का कारण पूछने पर उसने पिंकी को बताया था कि उसकी मोहल्ले में किसी से लड़ाई हो गई थी। पिंकी ने बताया कि अवतार जेल से बचने की बात कह रहा था। उसने पिंकी से यह भी कहा कि वह अपनी मां का पता कर ले लेकिन उसने इस कांड के बारे में कुछ नहीं बताया।