यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार देश के बाहर किन-किन जगहों से जुड़े हैं। विक्रांत से जुड़े खुलासों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सख्त कर दी है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि विक्रांत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये इस नेटवर्क के संपर्क में था। उसके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। यह पूरा मॉड्यूल देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था लेकिन समय रहते कार्रवाई कर इसे काफी हद तक ध्वस्त कर दिया गया है। विक्रांत से पूछताछ के आधार पर कई और अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि विक्रांत कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल बर्क ब्रिगेड के आतंकी शहजाद भट्टी और आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि उसने देहरादून में स्थित महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और संवेदनशील लोकेशन पाकिस्तानी आकाओं के साथ साझा की थीं।
एसटीएफ ने विक्रांत के पास से एक पिस्टल, सात कारतूस और एक स्प्रे-पेंट कैन बरामद की है। बताया जा रहा है कि वह ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहा था। उसने कुछ दीवारों पर टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान) भी लिखा था। विक्रांत पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही हैं ताकि नेटवर्क के अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।