फिल्म की पूरी शूटिंग उत्तराखंड में हुई थी। फिल्म में उत्तराखंड के ही दो बाल कलाकार भी थे। फिल्म निर्माण में उत्तराखंड के ही करीब 250 लोगों ने काम भी किया था। केदारनाथ स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मामले में भी खरी साबित हुई थी। जानकारी के अनुसार, एक माह की शूटिंग में फिल्म पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च किए जिसमें करीब तीन करोड़ रुपये फिल्म में काम करने वाले स्थानीय लोगों, पोर्टर, घोड़ा-खच्चर संचालक और अन्य कारीगरों को दिए।