वहीं अब सीवर लाइन, ओएफसी केबल, विद्युत लाइन आदि बिछाने के लिए पहले रोड कटिंग समिति की अनुमति लेनी होगी। यही नहीं काम पूरा होने के बाद इस समिति से विभागों को एनओसी भी लेनी होगी। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सभी निर्माण विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग किसी भी निर्माण कार्य के लिए आपसी समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि ओएफसी लाइन, पेयजल लाइन, सीवर लाइन आदि के लिए जो भी विभाग रोड कटिंग का जिम्मेदार है, उसे अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित कराना होगा।
इसके अलावा उन्होंने ईडीएम, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि वह विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की अनुमति कार्य का नाम, लोकेशन, कार्य की अवधि संबंधित क्षेत्र के अभियंता का नाम व मोबाइल नंबर एकीकरण के लिए वेबसाइट तैयार करें। ताकि, सभी चीजें पारदर्शी रहें और त्वरित काम हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, नगर मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार, उप जिलाधिकारी संगीता कन्नौजिया, संयुक्त निदेशक कमलेश मेहता, पुलिस क्षेत्राधिकारी लोकजीत सिंह, अधिशासी अभियंता जेएस चौहान, अधिशासी अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुरेश चंद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।