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भूमि बंदोबस्त से पहले सर्वे के लिए राजस्व परिषद को जिम्मा, शासन ने जारी

Wed, 25 Dec 2019 01:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • परिषद को नोडल बनाने का आदेश
  • विभागों को भारतीय सर्वेक्षण विभाग से अलग-अलग बैठक करने को भी कहा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि बंदोबस्त से पहले होने वाले सर्वे के लिए राजस्व परिषद को नोडल विभाग घोषित किया गया है। अब राजस्व, वन सहित अन्य संबंधित विभाग अलग-अलग भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ बैठक कर सर्वे की कार्ययोजना तैयार करेंगे। राजस्व परिषद से सर्वे के लिए कार्मिकों की भर्ती को कहा गया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा।

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प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 1960 के बाद से भूमि बंदोबस्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदेश सरकार की चकबंदी को लेकर की जा रही मशक्कत काम नहीं आ रही है। भूमि बंदोबस्त के लिए पहली शर्त पर प्रदेश सरकार ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है।

भारतीय सर्वेक्षण विभाग की ओर से उत्तराखंड में डिजीटल मैपिंग करने पर सहमति व्यक्त की जा चुकी है। इसी को देखते हुए शासन ने सर्वे के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने और समन्वय स्थापित करने के लिए राजस्व परिषद को नोडल विभाग घोषित किया है।
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इसके साथ राजस्व, वन, शहरी विकास, कृषि सहित अन्य संबंधित विभागोें से कहा गया है कि वे भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ अलग-अलग बैठक कर अपनी समस्याओं और इन समस्याओं के समाधान से भारतीय सर्वेक्षण विभाग को अवगत कराएं।

इसके साथ ही रिपोर्ट राजस्व परिषद को भेजें। राजस्व परिषद को भी कहा गया है कि सर्वे के लिए जरूरी कार्मिकों की भर्ती करे। यह भी पाया गया है कि सर्वे को आधुनिक तरीके से कराने के लिए संबंधित नियमावली में भी बदलाव की जरूरत होगी। राजस्व विभाग को इसकी पड़ताल करने और प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग से कहा गया है कि वह इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को उपलब्ध कराए।  

पूरे प्रदेश में एक साथ एरियल फोटोग्राफी

भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ मिल कर इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि पूरे प्रदेश की एक साथ एरियल फोटोग्राफी करा ली जाए। उसके बाद जिले स्तर पर सर्वे कर मिलान का काम किया जाए। कहा जा रहा है कि एरियल फोटोग्राफी का डाटा विभागों के काम योजनाओं को बनाने में काम आएगा।

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देहरादूनः सड़क खोदने से पहले लेनी होगी अनुमति 

वहीं अब सीवर लाइन, ओएफसी केबल, विद्युत लाइन आदि बिछाने के लिए पहले रोड कटिंग समिति की अनुमति लेनी होगी। यही नहीं काम पूरा होने के बाद इस समिति से विभागों को एनओसी भी लेनी होगी। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सभी निर्माण विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग किसी भी निर्माण कार्य के लिए आपसी समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि ओएफसी लाइन, पेयजल लाइन, सीवर लाइन आदि के लिए जो भी विभाग रोड कटिंग का जिम्मेदार है, उसे अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित कराना होगा।

इसके अलावा उन्होंने ईडीएम, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि वह विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की अनुमति कार्य का नाम, लोकेशन, कार्य की अवधि संबंधित क्षेत्र के अभियंता का नाम व मोबाइल नंबर एकीकरण के लिए वेबसाइट तैयार करें। ताकि, सभी चीजें पारदर्शी रहें और त्वरित काम हो सके। 

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, नगर मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार, उप जिलाधिकारी संगीता कन्नौजिया, संयुक्त निदेशक कमलेश मेहता, पुलिस क्षेत्राधिकारी लोकजीत सिंह, अधिशासी अभियंता जेएस चौहान, अधिशासी अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुरेश चंद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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