दून अस्पताल में पहली बार डॉक्टरों ने एक छोटे से छेद से दो अंगों की सर्जरी की है।
इससे रोगी को डबल सर्जरी कराने से राहत मिल गई। लेप्रोस्कोपिक विधि से रोगी का गाल ब्लैडर भी निकाल दिया गया और उसके अंडाशय में बनी गांठ (सिस्ट) भी निकाल दी गई। रोगी को 24 घंटे के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि यमुना कॉलोनी की रहने वाली प्रियंका (21) के गॉल ब्लैडर में स्टोन थे। उसने 12 दिन पहले ओपीडी में जांच कराई।
डायग्नोस्टिक जांच में पता चला कि उसके अंडाशय में सिस्ट भी है। सर्जरी के लिए उसे मंगलवार को अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉ. असवाल ने बताया कि डॉ. विपिन कंडवाल ने उसकी सर्जरी की।
लेप्रोस्कोपिक विधि से उसका गॉल ब्लैडर निकाल दिया गया। गॉल ब्लैडर की सर्जरी के लिए जो छेद किया गया था, डाक्टर ने उसी से अंडाशय की सिस्ट भी निकाल दी। यह मुश्किल सर्जरी थी। उन्होंने दावा किया कि ऐसी सर्जरी पहली बार की गई। रोगी को गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।