शाहिद हुसैन ने जसपुर कोतवाली में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष फरीदा बेगम, मोहम्मद अशरफ, रईस अहमद उर्फ सतना, रईस उर्फ लपट्टी, असलम, नसीम उर्फ चुरती, इदरीश उर्फ मिर्ची के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले की मुख्य अभियुक्त तत्कालीन पालिकाध्यक्ष फरीदा बेगम सहित अन्य कुछ आरोपियों को पहले एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस सजा को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था।
2013 में अभियुक्तों ने सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक अपील (याचिका संख्या 1560/2013) दायर की। कोर्ट ने कहा है कि फरीदा बेगम जमानत पर है, अत: आदेश के दो सप्ताह के भीतर वह संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण करें। मोहम्मद अशरफ जेल में है। इस याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बैंच न्यायमूर्ति एमआर शाह, न्यायमूर्ति एन वी रामाना व न्यायमूर्ति मोहन एम. संतनागोदर ने की।