सुप्रीम कोर्ट की यह समिति नवंबर माह में ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सौंप देगी। समिति के अध्यक्ष रवि चोपड़ा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि समिति के प्रत्येक सदस्य से पहले रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद मंत्रालय से इस पर जवाब मांगा जाएगा और इसके बाद ही रिपोर्ट तैयार होगी। समिति के अध्यक्ष रवि चोपड़ा के मुताबिक 22 और 23 नवंबर को बैठक भी बुलाई गई है।
चार सप्ताह का अतिरिक्त समय भी मांग सकती है समिति
इतना जरूर है कि विस्तृत रिपोर्ट के लिए समिति को करीब चार सप्ताह के अतिरिक्त समय की दरकार होगी। चारधाम सड़क का स्थलीय निरीक्षण पूरा कर चुकी समिति को आठ दिसंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने का वक्त सुप्रीम कोर्ट ने दिया है।
शहरी क्षेत्रों को लेकर समस्या
समिति को चारधाम सड़क के दायरे में आने वाले शहरों को लेकर भी समस्या का सामना करना पड़ा है। समिति ने पाया कि शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की जद में आने वाले लोग मकानों, दुकानों के ध्वस्त होने के डर से परेशान हैं। मुसीबत यह है कि बाईपास का भी लोग काम धंधा चौपट होने की डर से विरोध कर रहे हैं।