उत्तराखंड में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम काशीपुर ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में उद्यमिता बूट कैंप आयोजित किए। इनमें 1500 से अधिक स्टार्टअप्स और उद्यमिता में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बूट कैंप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 20 संभावित स्टार्टअप्स का चयन कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षण, मेंटरशिप और आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
देहरादून में आयोजित बूट कैंप में आरईएपी की परियोजना निदेशक एवं आईएएस अधिकारी झरना कामठान ने प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि चयनित 20 स्टार्टअप्स को आईआईएम काशीपुर एफआईईडी के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण और विशेषज्ञों की मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, कारोबार के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं और उभरते उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर नए उद्यम विकसित होने के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।
आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने उत्तराखंड में उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता जताई और स्टार्टअप्स को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।